झुंझुनूं के पपुरना गांव में एक नरेगा मजदूर असलम कुरैशी के घर में बिना किसी पूर्व सूचना के स्मार्ट मीटर लगा दिया गया। इस मीटर ने उनकी जिंदगी में उथल-पुथल मचा दी है। पहले जहां उनका बिजली बिल ₹500 आता था, अब अचानक ₹8300 का बिल देख उनके होश उड़ गए। वे अब लगातार बबाई के विद्युत सहायक अभियंता कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
स्मार्ट मीटर का विरोध
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। संघर्ष समिति के सदस्य, जिनमें एडवोकेट निरंजन लाल सैनी और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुनील नायक शामिल हैं, ने असलम के परिवार से मुलाकात की और पूरी घटना की जानकारी ली। समिति के सदस्य अब गांव के लोगों के साथ मिलकर स्मार्ट मीटर के खिलाफ विरोध कर रहे हैं।
ग्रामीणों का आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर ओवर स्मार्ट तरीके से काम कर रहा है। इसने नरेगा मजदूर के एक महीने की कमाई से भी अधिक का बिल निकाल दिया है। इस घटना से लोगों में काफी गुस्सा है, और वे लगातार विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शन में पीड़िता जुवेदा, एडवोकेट निरंजन लाल सैनी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुनील कुमार नायक और रिहान कुरेशी समेत कई लोग शामिल हुए।




