कामिका एकादशी आज: पितृदोष से मुक्ति और मोक्ष का द्वार खोलने वाला व्रत, जानिए तिथि, मुहूर्त और महत्व

कामिका एकादशी व्रत, सावन मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी, आज का महत्वपूर्ण दिन। इस दिन व्रत करने से पितृदोष का नाश होता है और मोक्ष का मार्ग खुलता है। भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा का विशेष विधान है।

Bharti Sharma
Written by:
Bharti Sharma - Sub Editor
3 Min Read

सावन मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि आज मनाई जा रही है। इस पावन दिन को कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है, जिसका हिंदू धर्म में विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियम से किया गया व्रत न केवल पितृदोष का नाश करता है, बल्कि मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी खोलता है।

- Advertisement -

धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि कामिका एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है, लेकिन इस दिन देवी लक्ष्मी, शिव-पार्वती और अपने पितरों की भी पूजा का विशेष विधान है। शास्त्रों में कहा गया है कि यह व्रत करने से समस्त पापों का नाश होता है और पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।

आज एकादशी तिथि का समापन

कामिका एकादशी की तिथि 20 जुलाई को दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से प्रारंभ हुई थी, जो आज 21 जुलाई को सुबह 9 बजकर 38 मिनट तक रही। उदयातिथि के अनुसार व्रत आज, सोमवार को रखा जा रहा है।

- Advertisement -

पूजन के शुभ मुहूर्त

व्रती आज सुबह सूर्योदय के बाद भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 14 मिनट से 4 बजकर 55 मिनट तक रहा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा, जबकि गोधूलि बेला में शाम 7 बजकर 17 मिनट से 7 बजकर 38 मिनट तक पूजा की जा सकती है। निशिता काल की पूजा रात्रि 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक की जा सकती है।

इन अशुभ कालों में पूजा से परहेज करें

राहुकाल सुबह 7 बजकर 19 मिनट से 9 बजकर 2 मिनट तक और गुलिक काल दोपहर 2 बजकर 10 मिनट से 3 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। इन कालों में पूजा करने से बचना चाहिए।

- Advertisement -

व्रत पारण कल प्रातः काल

कामिका एकादशी व्रत का पारण कल यानी मंगलवार, 22 जुलाई को किया जाएगा। पारण का शुभ समय सुबह 5 बजकर 37 मिनट से 7 बजकर 5 मिनट तक का है। मान्यता है कि व्रत का पारण सूर्योदय के बाद द्वादशी तिथि के भीतर करना चाहिए, अन्यथा व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।

क्यों करें कामिका एकादशी का व्रत?

कामिका एकादशी व्रत के पालन से पितृदोष का निवारण होता है और पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। इसके अलावा इस दिन व्रत रखने से मोक्ष की प्राप्ति, पापों से मुक्ति, आत्मिक शुद्धि और सांसारिक दोषों जैसे रोग, कलह और दरिद्रता से भी छुटकारा मिलने की मान्यता है।

- Advertisement -

Want a Website like this?

Designed & Optimized by Naveen Parmuwal
Journalist | SEO | WordPress Expert

Contact Me
Share This Article
Avatar photo
Sub Editor
Follow:
भारती शर्मा पिछले कुछ सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। अपने कार्य क्षेत्र रहते हुए उन्होंने धर्म-कर्म, पंचांग, ज्योतिष, राशिफल, वास्तु शास्त्र, हस्तरेखा व समुद्र शास्त्र जैसे विषयों पर लेखन किया हैं। इसके अलावा उनको लोकल और ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी अनुभव हैं। फिलहाल भारती शर्मा 89.6 एफएम सीकर में आरजे की पद संभालते हुए सीकर अपडेट शो का संचालन करती हैं और बतौर ज्योतिष शास्त्र लेखन कर रही हैं।
News in Image Share Link