Sikar Family Mass Suicide Exclusive Report: राजस्थान के सीकर शहर से आई यह खबर किसी को भी झकझोर सकती है। अनिरुद्ध रेजिडेंसी के एक फ्लैट में यूट्यूबर मां और उसके चार बच्चों के शव मिलने से पूरे शहर में सनसनी फैल गई। पांचों ने कथित रूप से जहर खाकर आत्महत्या की। यह कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि एक ऐसी कहानी है जिसमें टूटी उम्मीदें, बिगड़े रिश्ते और समाज की चुप्पी, सब कुछ छिपा हुआ है।
मामला सीकर के पालवास रोड स्थित अनिरुद्ध रेजिडेंसी का है। शनिवार को इलाके में अचानक हलचल मच गई, जब लोगों ने एक फ्लैट से तेज बदबू आने की शिकायत की। पड़ोसियों ने पहले तो सोचा कि शायद गैस या किसी पशु की वजह से बदबू आ रही है, लेकिन जब दरवाजा कई दिनों तक नहीं खुला तो शक गहराने लगा।
कई बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। अंत में पुलिस को सूचना दी गई। जब पुलिस पहुंची और दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर जो दृश्य था उसने सभी के होश उड़ा दिए।

एक कमरे में पांच लाशें, मौत की खामोशी
पुलिस ने बताया कि फ्लैट के एक कमरे में किरण चौधरी (35) और उसके तीन बेटे सुमित (18), आयुष (4), अवनीश (3) तथा बेटी स्नेहा (13) के शव पड़े थे। शव पूरी तरह सड़ चुके थे, जिससे अंदाजा लगाया गया कि मौत दो से तीन दिन पहले हुई होगी।
कमरे में पुलिस को जहर के कई पैकेट मिले, जिनमें से कुछ खाली थे। माना जा रहा है कि परिवार ने इन्हीं से जहर खाया था।

नेमीचंद से की थी लव मैरिज, फिर टूटा रिश्ता
किरण उर्फ पिंकी की जिंदगी की कहानी खुद एक पहेली बन गई है। किरण मूल रूप से सीकर जिले के मुंडवाड़ा गांव की रहने वाली थी। वहीं के नेमीचंद नाम के युवक से उसने लव मैरिज की थी। उस समय किरण नाबालिग थी, इसलिए परिवार वालों ने विरोध किया। घर से भागने के बाद किरण को पकड़कर नारी निकेतन भेजा गया था। बालिग होने पर उसने नेमीचंद से शादी कर ली और कुछ समय तक दोनों साथ रहे। इस रिश्ते से उसे एक बेटा और एक बेटी थी। हालांकि, रिश्तों में धीरे-धीरे तनाव बढ़ता गया और 2019 में दोनों का तलाक हो गया। सूत्रों के मुताबिक, फिर उसने दूसरी शादी की। दूसरे पति से भी एक बेटा और एक बेटी थी। लेकिन यह रिश्ता भी ज्यादा नहीं चला। तलाक के बाद किरण ने बच्चों के साथ अलग रहना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि वह यूट्यूब पर वीडियो बनाकर आमदनी करती थी, लेकिन मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी से गुजर रही थी। पति से लगातार झगड़े और मनमुटाव के कारण किरण अपने चारों बच्चों के साथ अलग रह रही थी।
पुलिस जांच में उभर रहे सवाल
पुलिस को फ्लैट से जहर के 10 पैकेट मिले हैं, जिनमें से 8 इस्तेमाल किए जा चुके थे। पुलिस को अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन यह माना जा रहा है कि घटना के पीछे पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव मुख्य कारण रहे होंगे।
सीकर सदर थाना प्रभारी इंद्रराज मरोडिया ने बताया कि शुरुआती जांच में यह आत्महत्या का मामला लगता है।
डीएसपी सुरेश शर्मा ने कहा, “हमें अनिरुद्ध रेजिडेंसी से शिकायत मिली कि एक फ्लैट कई दिनों से बंद है और अंदर से तेज बदबू आ रही है। दरवाजा तोड़ने पर पांच शव मिले। फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया है, आगे की कार्यवाही जारी है।”
क्या आर्थिक परेशानी बनी वजह?
जांच टीम यह भी देख रही है कि क्या परिवार पर आर्थिक संकट या कर्ज का बोझ था। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में किरण की पति से बात बंद थी, और बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उसी पर था।
किरायेदारों ने बताया कि परिवार पिछले कुछ हफ्तों से काफी चुप-चुप था। बच्चे भी बहुत कम बाहर दिखते थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि वे ऐसा कदम उठा लेंगे।

इत्र छिड़क कर अंदर गई पुलिस
जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो बदबू इतनी तीव्र थी कि अंदर घुसना मुश्किल था। पुलिसकर्मियों ने इत्र और सैनेटाइजर का छिड़काव किया, उसके बाद कमरे में प्रवेश किया। अंदर मां और बच्चों के शव बुरी तरह सड़े हुए थे। पुलिस ने फोटोग्राफी कराई और फॉरेंसिक टीम को सबूत इकट्ठा करने बुलाया।
पुलिस के सामने कई सवाल
अब पुलिस के सामने कई अहम सवाल खड़े हैं…
- क्या किसी रिश्तेदार या पति ने महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया?
- जहर कहां से खरीदा गया?
- क्या बच्चों को भी जबरन जहर दिया गया या उन्होंने स्वेच्छा से खाया?
- क्या महिला किसी डिप्रेशन या मानसिक बीमारी से जूझ रही थी?
- इन सभी पहलुओं की जांच जारी है।
पड़ोसियों की चुप्पी और समाज की जिम्मेदारी
पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने कई दिनों तक दरवाजा बंद देखा, पर यह नहीं सोचा कि अंदर कुछ इतना भयानक हुआ होगा। यह घटना समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि मानसिक तनाव, घरेलू कलह और अकेलेपन की स्थिति को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है।

पुलिस जांच जारी, रिपोर्ट का इंतजार
सीकर पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नुनावत के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सटीक वजह साफ हो पाएगी। फिलहाल पुलिस फॉरेंसिक रिपोर्ट, कॉल डिटेल्स और जहर के सैंपल की जांच कर रही है।
कहां टूटी जिंदगी की डोर?
किरण और उसके चार मासूम बच्चों की मौत सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज की चुप्पी की भी कहानी है। जब रिश्ते टूटते हैं और साथ छोड़ देता है, तब मन की पीड़ा कई बार इतनी गहरी हो जाती है कि इंसान खुद को खत्म करने का रास्ता चुन लेता है।
पांच शवों का यह मामला सिर्फ एक पुलिस जांच नहीं, बल्कि एक सवाल है क्या इस मां को समय पर मदद मिल जाती तो शायद आज पांच जिंदगियां बच सकती थीं?




