Sikar Gas Leak News: 300 मीटर इलाके में फैलने वाली जहरीली गैस से बच्चों और स्थानीय लोगों को सांस लेने में दिक्कत, फैक्ट्री मालिक की तलाश जारी

Sikar Gas Leak: सीकर के शांतिनगर में जहरीली गैस के रिसाव से मचा हड़कंप। घटना के तीन दिन बाद भी गुत्थी अनसुलझी है कि गैस कहां से लीक हुई। लाल बहादुर शास्त्री स्कूल के बच्चों को सांस लेने में कठिनाई हुई। प्रशासन ने प्रहलाद सोनी की फैक्ट्री सीज की।

Naveen Parmuwal
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Naveen Parmuwal - Senior Sub Editor
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सीकर गैस कांड: सीकर में 22 नवंबर की रात को शांतिनगर क्षेत्र में जहरीली गैस का रिसाव होने से अफरातफरी मच गई। इस घटना के तीन दिन बाद भी यह रहस्य बना हुआ है कि आखिर यह गैस कहां से और कैसे लीक हुई। जानकारी के अनुसार, इस विषैली गैस का प्रभाव करीब 300 मीटर क्षेत्र तक ही सीमित रहा, लेकिन सीकर के प्रदूषण विभाग के पास एनालाइजर की कमी के कारण इसका सही पता नहीं लगाया जा सका। इस गैस के कारण लाल बहादुर शास्त्री स्कूल के 24 से अधिक बच्चे और स्थानीय निवासियों को सांस लेने में कठिनाई और अस्थमा जैसी शिकायतें हुई, जिन्हें सीकर के एसके अस्पताल में भर्ती कर ऑक्सीजन की सहायता दी गई।

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फैक्ट्री से उठी शक की सुई

पहले प्रशासन का मानना था कि यह गैस प्रहलाद सोनी की फैक्ट्री से निकली होगी, जहां पुरानी साड़ियों को जलाकर तांबा निकालने का काम होता था। इस संदेह पर कार्रवाई करते हुए, उस रात फैक्ट्री को सीज कर दिया गया। हालांकि, स्कूल की लैब से भी जांच की गई, लेकिन वहां से कोई ठोस सबूत नहीं मिला।

प्रहलाद सोनी की फैक्ट्री पर गाज, मालिक फरार

प्रहलाद सोनी की फैक्ट्री को सीज कर दिया गया है, लेकिन सोनी खुद फरार हैं। इस अवैध फैक्ट्री के आबादी क्षेत्र में संचालन पर भी प्रश्न उठ रहे हैं। राजस्थान राज्य प्रदूषण मंडल की रीजनल ऑफिसर सविता का कहना है कि गैस का असर लगभग 30 मिनट से 1 घंटे तक रहा।

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रीको एरिया में लोगों को सांस लेने में दिक्कत

इसी बीच, सीकर के रीको इंडस्ट्रियल एरिया में भी अचानक लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। करीब 22 लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। ADM के अनुसार, घटना की जांच जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

सीकर में जहरीली हवा से 10 बच्चे अस्पताल पहुंचे

वहीं, सीकर के औद्योगिक क्षेत्र में दूषित वायु के चलते रविवार को 10 बच्चे अस्पताल पहुंचे। धुएं और जहरीली गैसों के बढ़ते प्रभाव के कारण लोगों में खांसी, गले में जलन और चक्कर आने की समस्याएं बढ़ गई हैं।

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नवीन पारमुवाल एक युवा डिजिटल पत्रकार और अनुभवी कंटेंट विशेषज्ञ हैं। राजस्थान के सीकर से ताल्लुक रखने वाले नवीन ने पिछले 6 सालों में डिजिटल मीडिया और न्यूज इंडस्ट्री में काम किया है। उन्होंने राजस्थान के नंबर वन अखबार राजस्थान पत्रिका से अपने करियर की शुरुआत की। जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग के जरिए उन्होंने लोकल मुद्दों, घटनाओं और समाज से जुड़ी खबरों को नजदीक से देखा और पाठकों तक पहुंचाया।बाद में पत्रिका.कॉम के साथ डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए नवीन ने प्रदेश, राजनीति, व्यापार, तकनीक, मनोरंजन और अंतरराष्ट्रीय खबरों जैसे अहम मोर्चों को संभाला। उन्होंने ईटीवी भारत और वनइंडिया हिंदी जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए न्यूज एडिटिंग, कंटेंट मैनेजमेंट और होमपेज ऑपरेशंस में अपनी गहरी पकड़ बनाई।तेज और सटीक रिपोर्टिंग के साथ-साथ SEO ऑप्टिमाइजशन और ऑडियंस एंगेजमेंट में उनकी दक्षता ने उन्हें डिजिटल मीडिया में अलग पहचान दिलाई।पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें पंडित झाबरमल शर्मा पत्रकारिता पुरस्कार (डिजिटल) और गोल्डन अवॉर्ड- पत्रिका.कॉम प्रमुख हैं।
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