राजस्थान बजट 2026: राजस्थान की सरकार ने बुधवार को बजट पेश करते हुए कई नए फैसलों का ऐलान किया। इस बजट में स्टाम्प पेपर पर लगने वाले सरचार्ज को 3 फीसदी बढ़ा दिया गया है, जिससे स्टाम्प पेपर से जुड़ी खरीदारी महंगी हो जाएगी। इसके अलावा, अलग-अलग कैटेगिरी की जमीनों की डीएलसी दरों में बदलाव कर पूरे प्रदेश में समान दरें लागू की गई हैं, जिससे अचल सम्पत्तियों की रजिस्ट्री पर भी इसका असर पड़ेगा।
स्टाम्प पेपर पर महंगाई का झटका
राजस्थान की जनता को अब स्टाम्प पेपर खरीदने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे। सरकार ने स्टाम्प पेपर की दरों पर 3 फीसदी का इजाफा कर दिया है। यह वृद्धि सीधे तौर पर प्रॉपर्टी से जुड़े लेनदेन को महंगा बना देगी, जिससे लोगों में चिंता की लहर है।
लोन डॉक्यूमेंट पर राहत
लोन डॉक्यूमेंट्स के रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी बदलाव किया गया है। जहां पहले 1 फीसदी का चार्ज लगता था, अब इसे घटाकर 0.5 फीसदी कर दिया गया है। अधिकतम शुल्क को 1 लाख रुपए तक सीमित कर दिया गया है। इसके अलावा, स्टाम्प ड्यूटी को 0.25 फीसदी से घटाकर 0.125 फीसदी कर दिया गया है।
फार्म हाउस की जमीन महंगी
फार्म हाउस की जमीन की रजिस्ट्री अब और महंगी हो जाएगी। सरकार ने फार्म हाउस की जमीन के दामों को पहले की तुलना में बढ़ाकर एग्रीकल्चर जमीन का 3 गुना मान लिया है। इससे खरीदारों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।
प्राइवेट व्हीकल्स पर टैक्स में छूट
दूसरे राज्यों से लाए जा रहे प्राइवेट वाहनों के लिए सरकार ने टैक्स में छूट की सीमा 25 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दी है। इससे वाहन मालिकों को राहत मिलेगी और राज्य में नया वाहन पंजीकरण अब सस्ता हो सकेगा।
बजट की ये घोषणाएं राज्य के विकास में नई दिशा देने का वादा करती हैं, लेकिन लोगों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि इन फैसलों से आर्थिक दबाव बढ़ सकता है, जबकि कुछ इसे राज्य के भविष्य के लिए सकारात्मक कदम के रूप में देख रहे हैं।




