सीकर में गैस संकट: सीकर में इन दिनों रसोई गैस सिलेंडर की कमी से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। शहर के कई होटलों में गैस की कमी के कारण खाना बनाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में होटल संचालकों को दूसरे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं। कई होटल अब स्मोक-फ्री भट्ठियों, इलेक्ट्रिक चूल्हों और हीटरों पर खाना बना रहे हैं। वहीं, ग्राहकों को भी पूरी मेन्यू की जगह तंदूरी रोटियों और सीमित खाने से ही काम चलाना पड़ रहा है। उधर, गैस एजेंसियों के बाहर भी लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। ऑनलाइन बुकिंग में दिक्कत आने के कारण लोग सीधे एजेंसी पहुंचकर सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं। इससे आम लोगों और होटल कारोबारियों दोनों की चिंता बढ़ गई है।
गैस की कमी से होटल व्यवसाय प्रभावित
सीकर में गैस सिलेंडरों की कमी के कारण होटलों में कामकाज ठप होने की कगार पर है। छोटे होटलों में खाना बनना लगभग बंद हो चुका है, जबकि बड़े होटलों ने स्मॉक फ्री भट्ठियों और इलेक्ट्रिक चूल्हों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। होटल मालिकों का कहना है कि गैस की अनुपलब्धता के चलते पकवान बनाने में दिक्कतें आ रही हैं।
गैस एजेंसी के बाहर बढ़ी भीड़
सीकर शहर में गैस सिलेंडरों की कमी के चलते लोग गैस एजेंसी के बाहर लाइनों में लगने को मजबूर हो गए हैं। उपभोक्ता रमेश कुमार ने बताया, ऑनलाइन बुकिंग का नंबर लगातार व्यस्त रहता है, इसलिए एजेंसी पर आना पड़ता है। इस समस्या से बचने के लिए लोग अन्य विकल्पों की तलाश में हैं।
इलेक्ट्रिक उपकरणों का बढ़ा उपयोग
गैस संकट के कारण सीकर के होटलों में इलेक्ट्रिक चूल्हे और हीटर का उपयोग बढ़ गया है। गैस चूल्हों पर ढक्कन लगाकर उन्हें बंद कर दिया गया है। होटल कर्मचारी महेश चौधरी ने कहा, हमने इलेक्ट्रिक चूल्हे ले लिए हैं ताकि किसी भी स्थिति में समस्या न हो।
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
गुरुवार को सीकर में कांग्रेस ने रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर चूल्हे पर रोटियां बनाईं और गैस सिलेंडर को माला पहनाकर सांकेतिक श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही, उन्होंने सरकार का पुतला भी फूंका। कांग्रेस का कहना है कि महंगाई के इस दौर में सरकार को जनता की परेशानियों पर ध्यान देना चाहिए।
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