Kota Traffic Police: राजस्थान के कोटा शहर में यातायात नियमों को लेकर हुआ एक मामूली विवाद अब चर्चा का विषय बन गया है। एरोड्रम सर्किल पर शनिवार को एक पुलिस अधिकारी और व्यापारी के बीच हुई झड़प ने हिंसक रूप ले लिया। स्थिति इतनी खराब हो गई कि ट्रैफिक पुलिस के टीआई देवेश भारद्वाज को बीच सड़क पर हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने उत्तेजित व्यापारी से यहां तक कह दिया कि वे उनके कपड़े फाड़ लें, बस मामले को बढ़ावा न दें। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कैसे शुरू हुई सड़क पर यह झड़प?
यह पूरा विवाद शनिवार दोपहर को तब भड़का जब भामाशाह मंडी के एक व्यापारी मुकेश जांगिड़ अपनी गाड़ी से दादाबाड़ी की ओर जा रहे थे। रास्ते में तैनात कांस्टेबल ने उन्हें चेकिंग के लिए रोका। पुलिस का आरोप था कि व्यापारी मोबाइल पर बात करने के साथ सीट बेल्ट भी नहीं पहने हुए थे। जब चालान काटने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो दोनों पक्षों में बहस होने लगी। देखते ही देखते यह बहस मारपीट में बदल गई। व्यापारी का आरोप है कि कांस्टेबल ने उन्हें मुक्का मारा जिससे उनका चेहरा लहूलुहान हो गया, जबकि पुलिस का कहना है कि व्यापारी ने वर्दी फाड़ने की कोशिश की।
टीआई को आखिर क्यों होना पड़ा बेबस?
जब मौके पर भीड़ जमा होने लगी और माहौल बिगड़ने लगा, तब टीआई देवेश भारद्वाज ने स्थिति को काबू करने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने उग्र भीड़ और व्यापारी को शांत करने के लिए हाथ जोड़ लिए।
- व्यापारी ने कांस्टेबल की तुरंत गिरफ्तारी की मांग रखी थी।
- सड़क पर कानून व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया था।
- पुलिस की छवि को और खराब होने से बचाने के लिए टीआई ने ‘गांधीगिरी’ दिखाई।
- दोनों पक्षों की ओर से अब उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई है।
- पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सच का पता लगाने में जुटी है।


