Raghav Chadha Resigns: दिल्ली के सियासी गलियारे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से नाता तोड़ लिया है। उन्होंने न केवल इस्तीफा दिया है, बल्कि राज्यसभा में पार्टी के दो तिहाई सांसदों के साथ भारतीय जनता पार्टी में अपनी टीम का विलय करने का भी बड़ा एलान कर दिया है। संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चड्ढा ने संगठन की मौजूदा कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए।
राघव चड्ढा ने आखिर क्यों लिया बगावत का फैसला?
राघव चड्ढा ने पार्टी के नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस संगठन को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा था, वह अब अपने रास्तों से भटक चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी अब देश हित के बजाय निजी स्वार्थ के लिए काम कर रही है। चड्ढा के मुताबिक, वे पिछले काफी समय से खुद को गलत जगह महसूस कर रहे थे और अब उन्होंने जनता की सेवा के लिए एक नया रास्ता चुनने का निर्णय लिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की अहम बातें क्या रहीं?
- राघव चड्ढा ने राज्यसभा के दो तिहाई सदस्यों के साथ बीजेपी में शामिल होने का दावा किया है।
- इस्तीफा देने वालों में वैज्ञानिक, शिक्षाविद् और पदम श्री से सम्मानित लोग भी शामिल हैं।
- चड्ढा का आरोप है कि भ्रष्टाचार मिटाने के लिए बनी पार्टी अब खुद दागी लोगों के कब्जे में है।
- उन्होंने कहा कि पार्टी के संस्थापक सदस्य होने के नाते उन्हें ‘आप’ की सच्चाई सबसे बेहतर पता है।
- बीजेपी में विलय के लिए भारत के संविधान में दिए गए नियमों का पालन करने की बात कही गई है।
केजरीवाल और चड्ढा के बीच कब से थी अनबन?
राघव चड्ढा और अरविंद केजरीवाल के बीच दूरियां तब सार्वजनिक होने लगी थीं, जब केजरीवाल जेल में थे और चड्ढा लंदन में पत्नी के साथ वक्त बिता रहे थे। उस समय सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों ने आग में घी डालने का काम किया था। इसके अलावा पंजाब में लोकसभा चुनाव के दौरान भी चड्ढा को ज्यादा जिम्मेदारी नहीं दी गई थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लंबे समय से पार्टी के बड़े मुद्दों पर उनकी चुप्पी इस बड़े तूफान का संकेत दे रही थी। हालांकि संजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेता इसे महज एक संगठनात्मक बदलाव बता रहे हैं।
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