Water Bills: राजस्थान की राजधानी जयपुर के लोगों को अब पानी का बिल भरने के लिए लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं होगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) शहर में पानी के बिल भुगतान को पूरी तरह आधुनिक बनाने जा रहा है। आगामी 10 अगस्त से जयपुर में क्यूआर कोड के जरिए पानी का बिल जमा करने की नई व्यवस्था लागू हो रही है। इस तकनीक के आने से शहर के करीब 6 लाख उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
आखिर कैसे काम करेगा यह नया क्यूआर कोड सिस्टम?
विभाग द्वारा किए गए सफल परीक्षण के बाद अब उपभोक्ताओं के बिल पर एक खास क्यूआर कोड छपकर आएगा। यह कोड स्थाई रूप से आपके बिल खाते से जुड़ा रहेगा। उपभोक्ता अपने मोबाइल से इस कोड को स्कैन करके आसानी से ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे।
- पुराने या नए बिल पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन करके तुरंत ऑनलाइन भुगतान किया जा सकेगा।
- उपभोक्ता घर बैठे ही अपने पिछले 10 बिलों का पूरा ब्यौरा देख सकेंगे और वर्तमान बकाया भी जान सकेंगे।
- समय पर बिल न मिलने या सरकारी कार्यालय न जा पाने के कारण लगने वाली पेनल्टी से मुक्ति मिलेगी।
मोबाइल लिंक क्यों जरूरी?
इस नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को अपना मोबाइल नंबर पीएचईडी खाते से जोड़ना अनिवार्य होगा। जयपुर में वर्तमान में कुल 6 लाख उपभोक्ताओं में से केवल 1.3 लाख लोगों के ही नंबर लिंक हैं। पीएचईडी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड ने बताया कि क्यूआर कोड जनरेट करने के लिए मोबाइल नंबर का रजिस्ट्रेशन जरूरी है। लोग विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना कनेक्शन नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करा सकते हैं।
बिल में छूट पाने के लिए क्या करना होगा?
सरकार जल्द ही पुराने बकाया पानी के बिलों पर छूट देने के लिए एक विशेष एमनेस्टी योजना लाने जा रही है। लेकिन इस सरकारी छूट का फायदा केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनका मोबाइल नंबर विभाग की साइट पर रजिस्टर्ड होगा। विभाग जल्द ही एसएमएस के जरिए लोगों को इसके लिए जागरूक करेगा। 10 अगस्त के बाद जयपुर के निवासी बिना किसी परेशानी के पूरी तरह कैशलेस भुगतान का अनुभव कर सकेंगे।
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