Kulgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार रात आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने गोली चलाने से पहले मजदूरों से उनकी जाति और धर्म के बारे में पूछताछ की थी। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुटी हैं और हमले के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है। इस घटना के बाद घाटी में बाहरी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है।
पहचान पूछकर फायरिंग?
कुलगाम के एक ईंट भट्टे पर काम करने वाले मजदूरों पर यह हमला शुक्रवार रात को हुआ। मृतक दीपक रात्रे के चाचा हलधर रात्रे ने बताया कि आतंकियों ने पहले मजदूरों को रोका और उनकी पहचान पूछी। जब उन्हें उनकी जाति और समुदाय का पता चला, तब उन्होंने अंधाधुंध गोलियां चला दीं। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक पहचान पूछकर हत्या करने के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मृतक मजदूरों के बारे में कुछ अहम जानकारियां
- दीपक रात्रे: इनकी उम्र 24 साल थी और ये छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले के बुंदेली गांव के निवासी थे।
- भूपेंद्र भइना: ये 28 साल के थे और छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के रहने वाले थे।
- दीपक अपने घर के अकेले कमाने वाले सदस्य थे, उनके परिवार में पत्नी, चार महीने का बच्चा, बीमार मां और दिव्यांग भाई है।
- भूपेंद्र करीब तीन महीने पहले ही अपनी पत्नी के साथ काम के सिलसिले में कश्मीर पहुंचे थे।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
इस घटना पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इसे आतंकवाद की क्रूर मानसिकता बताया। खरगे ने मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त सजा दी जाए। वहीं, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का एलान किया है। छत्तीसगढ़ सरकार भी पीड़ित परिवारों की मदद के लिए लगातार संपर्क में है।
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