CIBIL Score: लोन की किस्त यानी ईएमआई चुकाने में थोड़ी सी भी देरी होने पर अक्सर लोग परेशान हो जाते हैं। क्या सच में सिर्फ एक किस्त छूटने से आपका क्रेडिट रिकॉर्ड खराब हो जाता है? आइए जानते हैं कि बैंकों के नियम इस बारे में क्या कहते हैं और देरी होने पर आपके खाते पर इसका क्या असर पड़ता है।
EMI बाउंस के नियम जानें
कई बार बैंक खाते में पैसे न होने या किसी तकनीकी समस्या के कारण ईएमआई समय पर नहीं कट पाती है। ऐसे में आपको तुरंत घबराने की जरूरत नहीं है। अगर आपकी किस्त चुकाने में केवल एक या दो दिन की देरी हुई है, तो इससे आपके सिबिल स्कोर पर कोई सीधा असर नहीं पड़ता है। हालांकि, बैंक इस देरी के लिए आपसे लेट फीस या बाउंस चार्ज वसूल सकते हैं।
किस्त चुकाने में कितने दिन की देरी पड़ सकती है भारी?
बैंक आपके भुगतान की जानकारी हर महीने सिबिल जैसी क्रेडिट ब्यूरो कंपनियों को भेजते हैं। अगर आप समय पर भुगतान नहीं करते हैं, तो दिन बीतने के साथ नुकसान बढ़ता जाता है:
- 1 से 7 दिन की देरी: इस दौरान सिबिल स्कोर सुरक्षित रहता है, लेकिन बैंक पेनाल्टी और बाउंस चार्ज लगा देते हैं।
- 30 दिन से अधिक की देरी: यदि किस्त 30 दिनों तक नहीं चुकाई जाती, तो बैंक इसकी रिपोर्ट क्रेडिट ब्यूरो को भेज देता है। इसके बाद आपका सिबिल स्कोर 50 से 100 अंक तक नीचे गिर सकता है, जिससे भविष्य में नया लोन मिलना मुश्किल हो जाता है।
- 60 से 89 दिन की देरी: इस अवधि तक भुगतान न करने पर आपका क्रेडिट प्रोफाइल बहुत कमजोर हो जाता है। बैंक और रिकवरी एजेंसियां बकाया वसूलने के लिए आपसे संपर्क करना शुरू कर देती हैं।
नुकसान से बचने के लिए क्या करना चाहिए?
बैंक हर महीने एक निश्चित समय पर ग्राहकों की पेमेंट रिपोर्ट तैयार करते हैं। अगर आप 30 दिन का रिपोर्टिंग चक्र पूरा होने से पहले अपनी बकाया राशि का भुगतान कर देते हैं, तो आपका सिबिल स्कोर खराब होने से बच सकता है। इसलिए हमेशा अपने खाते में पर्याप्त बैलेंस रखें और ऑटो डेबिट की सुविधा को चालू रखें ताकि ऐसी स्थिति से बचा जा सके।
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