Jaipur Fraud Case: राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को दबोचा है जो जेल से बाहर आते ही दोबारा अपराध की दुनिया में कदम रख देता था। यह आरोपी कभी नकली पुलिसकर्मी बनकर तो कभी फर्जी प्रोफेसर बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। सोशल मीडिया पर अलग-अलग नामों से फर्जी प्रोफाइल बनाकर वह लोगों को ठगने का काम करता था। जयपुर पुलिस ने इस शातिर अपराधी को एक बार फिर दबोच लिया है।
कैसे सामने आया ठगी का यह पूरा मामला?
यह पूरा मामला तब सामने आया जब जयपुर के मुहाना इलाके में रहने वाले ललित गहलोत ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। ललित ने बताया कि फेसबुक पर उन्हें एक व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली थी, जिसने खुद को राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी का प्रोफेसर बताया था। बातचीत बढ़ने पर आरोपी ने यूनिवर्सिटी में नंबर बढ़वाने का लालच देकर पीड़ित से 62 हजार रुपये ठग लिए। जब पीड़ित को धोखाधड़ी का अहसास हुआ और उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी खुद गांधी नगर थाने का पुलिसकर्मी बनकर ललित के घर पहुंच गया। वहां उसने पीड़ित को डराया कि तुमने यूनिवर्सिटी में गलत तरीके से काम कराने की कोशिश की है, इसलिए तुम्हें जेल भेज दूंगा। जेल जाने के डर से पीड़ित ने आरोपी को 60 हजार रुपये और दे दिए।
पुलिस ने इस शातिर ठग को कैसे पकड़ा?
मुहाना थाना प्रभारी मुकेश कुमार खारड़िया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। पुलिस टीम ने इलाके के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। कड़ी मेहनत के बाद आरोपी की पहचान जयपुर के ब्रह्मपुरी निवासी अरुण शर्मा के रूप में हुई। पुलिस की विशेष टीम ने दबिश देकर अरुण शर्मा को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अरुण शर्मा पहले भी पांच बार अलग-अलग मामलों में जेल जा चुका है। जमानत पर छूटने के बाद वह फिर से सोशल मीडिया पर दातार सिंह, सुनील शर्मा, सुनील मीणा और विजय शर्मा जैसे नकली नामों से प्रोफाइल बनाता था और लोगों को निशाना बनाता था।
आरोपी अरुण शर्मा ने किन-किन लोगों को ठगा?
पुलिस की जांच में आरोपी द्वारा अंजाम दी गई कई वारदातों का खुलासा हुआ है, जो इस प्रकार हैं:
- ब्रह्मपुरी के गिर्राज सिंह को नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2.50 लाख रुपये ठगे।
- नाहरगढ़ निवासी विजय से नकली पुलिसकर्मी बनकर सट्टे के केस में फंसाने की धमकी देकर 25 हजार रुपये ऐंठे।
- गलता गेट के सुभाष को नौकरी लगवाने के नाम पर 1.50 लाख रुपये का चूना लगाया।
- गलता गेट निवासी एक मेडिकल स्टोर संचालक को फर्जी पुलिसवाला बनकर धमकाया और केस न दर्ज करने के नाम पर 25 हजार रुपये वसूले।
- रामनगरिया के अम्बर और अभिनव से आरटीयू में नंबर बढ़वाने के नाम पर 62 हजार और 34 हजार रुपये ठगे।
- मानसरोवर की अनु सिंधी से सीएसटी का पुलिसकर्मी बनकर सट्टे का केस बनाने की धमकी दी और 90 हजार रुपये लूट लिए।
- मुहाना के ललित गहलोत से पहले यूनिवर्सिटी के काम और फिर नकली पुलिसवाला बनकर कुल 1 लाख 22 हजार रुपये ऐंठे।
- इस्कॉन रोड पर स्थित एक स्पा सेंटर में नकली पुलिसकर्मी बनकर अवैध वसूली की।
- नर्सिंग ऑफिसर बनकर राहुल नाम के एक पीड़ित से 4500 रुपये की ठगी की।
- सांगानेर के राहुल सिंह को नकली पुलिस अधिकारी बनकर डराया और सट्टे का केस न दर्ज करने के नाम पर 60 हजार रुपये वसूले।
- जयपुर के जतिन कुमार से यूनिवर्सिटी में नंबर बढ़वाने के बहाने 10 हजार रुपये हड़पे।
- श्यामनगर की एक युवती को कमिश्नरेट का पुलिसकर्मी बनकर बिटकॉइन के पैसे वापस दिलाने का झांसा दिया और 50 हजार रुपये ठगे।
- शंकर नगर निवासी एक व्यक्ति के साथ भी 50 हजार रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
Want a Website like this?
Designed & Optimized by Naveen Parmuwal
Journalist | SEO | WordPress Expert


