Amrapali Dubey:
भोजपुरी सिनेमा की क्वीन आम्रपाली दुबे अक्सर अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा अपनी पर्सनल लाइफ और दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ के साथ अपने रिश्तों को लेकर चर्चा में रहती हैं। हाल ही में ‘भोजपुरी बवाल’ शो में शुभांकर मिश्रा के साथ बातचीत के दौरान एक्ट्रेस का एक ऐसा रूप देखने को मिला जिसने सबको हैरान कर दिया। आम्रपाली ने उस पुराने जख्म को कुरेदा जब पूरी फिल्म इंडस्ट्री पवन सिंह के डर से अक्षरा सिंह का साथ देने से कतरा रही थी। एक्ट्रेस ने खुलासा किया कि उस कठिन समय में उन्होंने अकेले अक्षरा का साथ दिया था और यहां तक कि पवन सिंह की शादी वाले दिन उनसे फोन पर झगड़ा भी किया था। बावजूद इसके अक्षरा सिंह का यह कहना कि किसी ने उनका साथ नहीं दिया, आम्रपाली को भीतर तक तोड़ गया और वह कैमरे के सामने ही फूट-फूटकर रो पड़ीं।
क्या निरहुआ के लिए धड़कता है आम्रपाली का दिल?
दिनेश लाल यादव और आम्रपाली दुबे की केमिस्ट्री को लेकर सालों से कयास लगाए जाते रहे हैं, लेकिन एक्ट्रेस ने इस बार इन अफवाहों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वह दिनेश जी से प्यार नहीं करतीं, इसलिए इस बात को कभी स्वीकार नहीं करेंगी। आम्रपाली ने बताया कि उन दोनों के बीच 13 साल का बड़ा उम्र का अंतर है और वह निरहुआ के बच्चों के साथ भी अच्छी दोस्ती रखती हैं। हालांकि उन्होंने यह जरूर माना कि अपने परिवार के बाद अगर वह दुनिया में किसी पर सबसे ज्यादा भरोसा करती हैं, तो वह दिनेश जी ही हैं। फिलहाल शादी को लेकर उनका कोई इरादा नहीं है और वह चाहती हैं कि लोग उनसे उनके काम और भविष्य की योजनाओं पर सवाल करें।
करियर के शुरुआती दौर में क्यों छोड़ना चाहती थीं एक्टिंग?
आज लाखों दिलों पर राज करने वाली आम्रपाली दुबे के लिए यह सफर इतना आसान नहीं था। शो के दौरान उन्होंने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि शुरुआती दिनों में उन्हें इतनी बुरी तरह ट्रोल किया जाता था कि उन्होंने हार मानकर एक्टिंग की दुनिया को अलविदा कहने का मन बना लिया था। वह नकारात्मक कमेंट्स से बहुत आहत थीं, लेकिन उनकी बहन ने उन्हें रुकने और कुछ और फिल्में करने की हिम्मत दी। आम्रपाली का मानना है कि लोग उनकी निजी जिंदगी पर कुछ भी कहें, लेकिन उनकी एक्टिंग की काबिलियत पर कोई सवाल नहीं खड़ा कर सकता। प्यार के मामले में भी वह बदकिस्मत रहीं और उन्होंने कबूल किया कि इंडस्ट्री में आने के बाद उन्हें एक बार सच्चा प्यार हुआ था, पर दिल टूटने के बाद उन्होंने दोबारा कभी उस राह पर कदम नहीं रखा।
वृंदावन की सैर और तेजप्रताप यादव के अनसुने किस्से
इस खास एपिसोड की एक और बड़ी हाईलाइट तेजप्रताप यादव और काजल राघवानी की वृंदावन यात्रा रही। धार्मिक नगरी की गलियों में घूमते हुए तेजप्रताप ने अपने माता-पिता के अटूट प्रेम की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने शादी से पहले एक-दूसरे को देखा तक नहीं था और उनकी शादी पूरी तरह अरेंज थी। इसके बावजूद आज भी उन दोनों के बीच जो तालमेल और परवाह है, वह मिसाल के तौर पर देखी जाती है। सफर के आखिर में काजल राघवानी लड्डू गोपाल की प्रतिमा अपने साथ ले जाती दिखीं, जिसने इस पूरे एपिसोड को एक भावनात्मक मोड़ दे दिया।
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