Sikar Smriti Van: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित स्मृति वन ने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। यहां बने 685.393 मीटर लंबे वॉकवे को ‘एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में जगह मिली है। लोहे के ढांचे पर हरी बेलों से ढका यह रास्ता अब एशिया का सबसे लंबा मेटल पर्गोला वॉकवे बन गया है। रविवार को एक विशेष कार्यक्रम के दौरान इस रिकॉर्ड का आधिकारिक प्रमाण पत्र जिला प्रशासन को सौंपा गया। यह सुंदर वॉकवे अब शहर के लोगों की सुबह की सैर का एक मुख्य हिस्सा बन चुका है।
इस वॉकवे में क्या है खास?
स्मृति वन में तैयार किए गए इस विशेष रास्ते को बनाने के पीछे एक खास मकसद था। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसके ऊपर हरी लताएं और बेलें आसानी से फैल सकें। इससे वॉकवे पूरी तरह से हरियाली से ढक जाता है। सुबह की सैर पर आने वाले लोगों को इससे कई फायदे मिलते हैं।
- यह वॉकवे करीब 685.393 मीटर लंबा है।
- इसे बनाने में 20,736 किलो से ज्यादा लोहे का इस्तेमाल हुआ है।
- इसकी ऊंचाई 4.76 से 4.88 मीटर के बीच रखी गई है।
- हरी बेलों के कारण पैदल चलने वालों को सीधी धूप से बचाव और शुद्ध हवा मिलती है।
कैसे हुई इस रिकॉर्ड की शुरुआत?
इस अद्भुत परियोजना की नींव 27 जून 2021 को डॉ. विनोद कुमार जैन ने रखी थी, जिन्हें ‘सीपीआर डॉक्टर ऑफ इंडिया’ के नाम से भी जाना जाता है। उनका लक्ष्य सिर्फ रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करना था। इस काम में विधायक राजेंद्र पारीक, वन विभाग और जिला प्रशासन ने मिलकर सहयोग किया। रविवार को जूरी सदस्य भुवनेश माथुरिया ने कलेक्टर आशीष मोदी को यह सर्टिफिकेट प्रदान किया।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से कितना बड़ा है यह रास्ता?
अगर दुनिया के अन्य बड़े रिकॉर्ड्स की तुलना करें, तो सीकर का यह पर्गोला बहुत आगे नजर आता है। फिलहाल गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे लंबे पर्गोला की लंबाई केवल 40.42 मीटर ही दर्ज है। इसकी तुलना में सीकर का यह ट्रैक 685 मीटर से भी ज्यादा लंबा है, जो इसे बेहद खास बनाता है। डॉ. जैन के नाम अब तक 5 इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स भी दर्ज हो चुके हैं।
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