Awarapan 2: इमरान हाशमी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनके चाहने वालों की कमी नहीं है, क्योंकि उनकी फिल्म ने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। फिल्म की एडवांस बुकिंग के आंकड़े इतने जबरदस्त रहे कि इसने सनी देओल की बहुप्रतीक्षित फिल्म बटवारा 1947 को भी पीछे छोड़ दिया है। रिलीज से पहले ही तीन बड़ी सिनेमा चेन में इस फिल्म ने करीब 8.57 करोड़ रुपये की ग्रॉस एडवांस बुकिंग कर ली थी और अगर ब्लॉक टिकटों को भी जोड़ लिया जाए तो यह आंकड़ा 10 करोड़ रुपये के पार चला गया है। जानकारों का मानना है कि स्पॉट बुकिंग के जुड़ने के बाद यह आंकड़ा 11.36 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जो हाल ही में आई हाउसफुल 5, शैतान और रेड 2 जैसी बड़ी फिल्मों के मुकाबले काफी बेहतर है।
क्या सनी देओल पर भारी पड़ेंगे इमरान हाशमी?
फिलहाल सिनेमाघरों में इमरान हाशमी और सनी देओल के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। जहां आवारापन 2 की बुकिंग शानदार रही, वहीं सनी देओल स्टारर ऐतिहासिक ड्रामा बटवारा 1947 की पहले दिन की एडवांस बुकिंग करीब 1.76 करोड़ रुपये के आसपास सिमट गई। ब्लॉक सीटों के साथ यह आंकड़ा 4.21 करोड़ रुपये तक पहुंचा है, लेकिन इमरान हाशमी की फिल्म के मुकाबले यह काफी कम नजर आ रहा है। पहले दिन की शुरुआती कमाई की बात करें तो आवारापन 2 ने 742 शो के जरिए अब तक लगभग 0.46 करोड़ रुपये नेट और 0.54 करोड़ रुपये ग्रॉस कलेक्शन भारत में कर लिया है। हालांकि यह तो सिर्फ शुरुआत है और दिन खत्म होने तक फाइनल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में बड़ी बढ़त देखने को मिल सकती है। इन दोनों भारतीय फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पाइडर मैन ब्रांड न्यू डे और द एंड ऑफ ओक स्ट्रीट जैसी हॉलीवुड फिल्मों से भी मुकाबला करना होगा।
शिवम पंडित की वापसी और मानवीय संवेदनाओं की जंग
कहानी के लिहाज से देखें तो आवारापन 2 साल 2007 की हिट फिल्म का सीक्वल है, जो 14 अगस्त 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। इसमें इमरान हाशमी एक बार फिर शिवम पंडित के किरदार में लौट रहे हैं, जिसे दुनिया ने मरा हुआ मान लिया था। इस रोमांटिक एक्शन ड्रामा में दिशा पाटनी मीरा के रूप में और शबाना आजमी खतरनाक अपराध सरगना झारा बेगम के रोल में नजर आ रही हैं। शिवम इस बार अपने अतीत के दर्द से लड़ते हुए मासूम जिंदगियों को मानव तस्करी के चंगुल से बचाने की कोशिश करता है। दूसरी तरफ, राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी बटवारा 1947 भारत पाकिस्तान विभाजन के दर्द को लाहौर की पृष्ठभूमि पर दिखाती है। यह फिल्म सनी देओल और शबाना आजमी के बीच एक इमोशनल रिश्ते को बुनती है, जो नफरत के दौर में इंसानियत की मिसाल पेश करती है। 1989 की हिट फिल्म बटवारा से अलग यह नई फिल्म ऐतिहासिक विस्थापन और मानवीय संबंधों की एक गहरी दास्तान है।
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