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Holika dahan 2024: होली का डांडा कब रोपना है, पंडित जी से जानिये होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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Bharti Sharma
Written by: Bharti Sharma - Sub Editor

Holika dahan 2024: रंग और उल्लास का त्योहार होली का पर्व देशभर में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। होली (Holi 2024) हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व होने के साथ-साथ भाईचारे आपसी प्रेम और सद्भावना का त्योहार भी है। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है और इसके अगले दिन रंग की होली मनाई जाती है।

हिंदू धर्म के अनुसार, होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन घरों में अनेकों तरह के पकवान बनाए जाते हैं। लोग होली की शुभकामनाएं देते हैं।

2024 में होलिका दहन की तारीख और शुभ मुहूर्त क्या है (Holika Dahan 2024 Subh Muhurat)

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हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा को होलिका दहन और इसके अगले दिन रंग की होली मनाई जाती है। पंडित दिनेश जोशी बताते हैं कि इस साल फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 24 मार्च को सुबह 9:54 से शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 25 मार्च को दोपहर 12:29 पर होगा। होलिका दहन 24 मार्च को है। इस दिन होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त देर रात 11:13 से लेकर 12:27 तक का है। ऐसे में होलिका दहन के लिए आपको कुल 1 घंटे 14 मिनट का समय मिलेगा।

क्या होता है होली का डांडा:- होली के उत्सव का पहला काम होली का डांडा एक निश्चित स्थान पर रोपना होता है। लेकिन, यह अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग तरीके से होता है। जिनमें दो डांडा स्थापित करते हैं। जिसमें एक होलिका का प्रतीक होता है। तो दूसरा डांडा प्रहलाद का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद इन डांडा को गंगाजल से शुद्ध करके इसके इर्द गिर्द गोबर के उपले, लड़कियां, घास और जलाने वाली अन्य सामग्री इकट्ठा की जाती है। और इन्हें धीरे-धीरे बड़ा किया जाता है। और अंत में होलिका दहन किया जाता है।

डांडा गाड़ने के बाद क्या करते हैं? 

बता दें कि इस डंडे के आसपास लकड़ी और कंडे की रंगोली बनाई जाती है। और फिर विधि विधान के अनुसार होली की पूजा की जाती है। कंडे में विशेष प्रकार के होते हैं। जिन्हें भरभोलिए कहते हैं। भरभोलिए गाय के गोबर से बने हुए ऐसे उपले होते हैं। जिनके बीच में छेद होता है, जिनके बीच में से मूंज की रस्सी, नाल डालकर माला बनाई जाती है। फिर इसकी पूजा की जाती है और भाइयों को तिलक निकाल कर यह माल दे दी जाती है। इसमें से कुछ अपने घर पर रख लिए जाते हैं। बाकी होलिका दहन के समय भाई द्वारा उसमें जला दिए जाते हैं।

कब गाड़ा जाता है होली का डंडा (Holi ka danda kab padega 2024)

होली के त्योहार की शुरुआत डांडा रोप करने के साथ होती है। कई जगह माघ पूर्णिमा के दिन से ही होली का डांडा रोक दिया जाता है। हालांकि, अब अधिकतर जगह या डांडा होलिका दहन के 1 दिन पूर्व ही रोप दिया जाता है। जबकि असल में यह डांडा होली से 1 महीने पहले माघ पूर्णिमा को रोपण होता है।

धूलंडी या होली कब है 2024 में?

होलिका के अगले दिन रंग की होली मनाई जाती है, यानी धूलंडी मनाई जाती है। और यह इस साल 25 मार्च को है। इस दिन देश भर में धूमधाम से रंग गुलाल से होली मनाई जाती है। इस दिन लोग एक दूसरे को घर-घर जाकर रंग गुलाल लगाते हैं और होली की शुभकामनाएं देते हैं। होली के साथ इसी दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण 25 मार्च 2024 को सोमवार को लगेगा। चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा तिथि को ही लगता है। चंद्र ग्रहण की शुरुआत 25 मार्च 2024 को सुबह 10:41 पर होगी और दोपहर को लगभग 3:01 पर ये समाप्त होगा। 25 मार्च को धु़ंलडी होने के कारण रंग खेलने के दौरान यह ग्रहण लगेगा लेकिन यह ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा।

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भारती शर्मा पिछले कुछ सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। अपने कार्य क्षेत्र रहते हुए उन्होंने धर्म-कर्म, पंचांग, ज्योतिष, राशिफल, वास्तु शास्त्र, हस्तरेखा व समुद्र शास्त्र जैसे विषयों पर लेखन किया हैं। इसके अलावा उनको लोकल और ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी अनुभव हैं। फिलहाल भारती शर्मा 89.6 एफएम सीकर में आरजे की पद संभालते हुए सीकर अपडेट शो का संचालन करती हैं और बतौर ज्योतिष शास्त्र लेखन कर रही हैं।
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