Akshaya Tritiya 2024: इस बार अक्षय तृतीया पर नहीं गूंजेगी शहनाइयां, शादियों पर रहेगी रोक

Akshaya Tritiya 2024: सीकर के प्रसिद्ध पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि इस बार अक्षय तृतीया से पहले शुक्र और ज्ञान के ग्रह गुरु के अस्त होने के कारण अक्षय तृतीया के दिन शादी विवाह और मांगलिक कार्य नहीं होंगे। akshaya tritiya 2024 marriage shadi auspicious work not happen on this akha teej 2024 date

Bharti Sharma
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Bharti Sharma - Sub Editor
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Akshaya Tritiya 2024: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है। यह पर्व हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। वहीं इस दिन को अबूझ मुहूर्त भी कहते हैं। मतलब आप बिना मुहूर्त देखें इस दिन कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं। अक्षय तृतीया पर शादियों की धूम रहती हैं। लेकिन, इस बार अक्षय तृतीया पर विवाह जैसे शुभ कार्य नहीं होंगे। पंडित दिनेश मिश्रा के अनुसार, इस बार ग्रहों के चाल के कारण अक्षय तृतीया के दिन शादी जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी।

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अक्षय तृतीया पर होते हैं शुभ कार्य

बता दें कि इस दिन सोना और चांदी और कोई भी नया सामान खरीदने का खास महत्व शास्त्रों में बताया गया है। पंचांग के अनुसार साल में कुछ तिथियां ऐसी होती है, जिन्हें अबूझ मुहूर्त कहते हैं। और इस दौरान शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्य के लिए पंडित जी से शुभ मुहूर्त निकलवाने की जरूरत नहीं पड़ती। हिंदू धर्म में इसे बहुत ही महत्वपूर्ण व शुभ माना गया है। आम बोलचाल की भाषा में अक्षय तृतीया को आखातीज भी कहते हैं।

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आखातीज 2024 तिथि

पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया की तिथि 10 मई शुक्रवार को सुबह 4:16 से शुरू होगी और इसका अंत 11 मई के दिन सुबह 2:51 पर होगा। इसलिए इस साल अक्षय तृतीया 10 में को मनाई जाएगी। वहीं ज्योतिष के दृष्टिकोण से यह दिन बेहद शुभ है, क्योंकि इस दिन सूर्य और चंद्रमा उच्च राशि में होते हैं।

अक्षय तृतीया 2024 पर क्यों नहीं बजेगी शहनाई?

सीकर के प्रसिद्ध पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि इस बार अक्षय तृतीया से पहले शुक्र और ज्ञान के ग्रह गुरु के अस्त होने के कारण अक्षय तृतीया के दिन शादी विवाह और मांगलिक कार्य नहीं होंगे। ये दोनों ग्रह सुख, समृद्धि, वैभव, वैवाहिक जीवन के कारक ग्रह है। इनके अस्त होने से मांगलिक कार्य नहीं होंगे।

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अक्षय तृतीया का महत्व

अक्षय तृतीया पर मां लक्ष्मी की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। वही शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु के परशुराम अवतार का जन्म हुआ था। अक्षय तृतीया के दिन ही युधिष्ठिर को कृष्ण जी ने अक्षय पात्र दिया था। और उस पात्र में कभी भी भोजन समाप्त नहीं होता था। इस दिन दान करने से अक्षय पूर्ण की प्राप्ति होती है‌। वही इस दिन को शास्त्रों में अबूझ मुहूर्त की संज्ञा भी दी गई है। मतलब इस दिन विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीदना, सगाई या कोई भी अन्य शुभ कार्य किया जा सकता है। वही अक्षय तृतीया के दिन एकाक्षी नारियल दक्षिणावर्ती शंख और पारद शिवलिंग खरीदना बेहद शुभ माना जाता है।

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भारती शर्मा पिछले कुछ सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। अपने कार्य क्षेत्र रहते हुए उन्होंने धर्म-कर्म, पंचांग, ज्योतिष, राशिफल, वास्तु शास्त्र, हस्तरेखा व समुद्र शास्त्र जैसे विषयों पर लेखन किया हैं। इसके अलावा उनको लोकल और ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी अनुभव हैं। फिलहाल भारती शर्मा 89.6 एफएम सीकर में आरजे की पद संभालते हुए सीकर अपडेट शो का संचालन करती हैं और बतौर ज्योतिष शास्त्र लेखन कर रही हैं।
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