Jugal Hansraj: एक समय था जब जुगल हंसराज फिल्म ‘मोहब्बतें’ में अपनी मासूमियत और आकर्षक लुक से दर्शकों का दिल जीतने में सफल रहे थे। अचानक स्टारडम की ऊंचाईयों पर पहुंचने के बाद, वे इंडस्ट्री से गायब हो गए। उनके जन्मदिन के अवसर पर, हम उनके करियर की अनकही कहानी पर नजर डालते हैं। जुगल का फिल्मी सफर कैसे शुरू हुआ और कैसे एक साथ 40 फिल्में साइन करने के बावजूद उनका करियर डूब गया, यह जानना रोचक होगा। उनके बचपन से ही अभिनय के प्रति रुचि रही। 10 साल की उम्र में उन्होंने ‘मासूम’ फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की थी।
जुगल हंसराज का शुरुआती करियर
जुगल हंसराज का जन्म एक पूर्व क्रिकेटर प्रवीण हंसराज के घर हुआ था। हालांकि उन्होंने क्रिकेट की बजाय अभिनय की दुनिया को चुना। 1983 में आई फिल्म ‘मासूम’ में उन्होंने नसीरुद्दीन शाह और शबाना आजमी के साथ काम किया और अपनी मासूमियत से दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया लेकिन प्रमुखता से उन्हें ‘मोहब्बतें’ फिल्म से पहचान मिली।
अचानक करियर में गिरावट
‘मोहब्बतें’ से मिली सफलता के बाद जुगल ने कई फिल्में साइन कीं। एक समय में उन्होंने 40 फिल्मों के लिए साइन किया था। हालांकि, इनमें से कई फिल्में या तो रिलीज नहीं हुईं या फिर डिब्बाबंद हो गईं। इस वजह से उन्हें ‘मनहूस’ कहा जाने लगा और उनके करियर में गिरावट का दौर शुरू हो गया।
न्यूयॉर्क में नई शुरुआत
जब बॉलीवुड में काम मिलना बंद हो गया तो जुगल ने न्यूयॉर्क शिफ्ट होने का निर्णय लिया। वहां उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स किए, लेकिन उनमें से कोई भी खास सफलता नहीं दिला सका। हाल ही में उन्हें इब्राहिम अली खान के साथ फिल्म ‘नादानियां’ में देखा गया।




