Cockroach Janta Party: दिल्ली के जंतर मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी एक बार फिर संसद की तरफ कूच करने की तैयारी में हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कर दिया है कि मंगलवार यानी 21 जुलाई को भी उनका मार्च जारी रहेगा। सोमवार को हुई भारी नारेबाजी और टकराव के बाद प्रदर्शनकारियों ने रात जंतर मंतर पर ही बिताई। पुलिस द्वारा हटाए गए मंच की जगह उन्होंने वहां नया टेंट और अस्थायी मंच भी तैयार कर लिया है।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें और अब तक क्या हुआ?
आंदोलनकारी पिछले काफी समय से अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र और कारण कुछ इस प्रकार हैं:
- सीजेपी के कार्यकर्ता 6 जून से ही जंतर मंतर पर धरना दे रहे हैं।
- इनकी सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है।
- शिक्षाविद सोनम वांगचुक भी इस प्रदर्शन का हिस्सा थे, जिन्हें तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया है।
- प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस्तीफा मिलने तक वे यहां से नहीं हटेंगे।
हिंसा और टकराव के पीछे क्या है पूरी कहानी?
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जब हजारों लोगों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की, तो हालात काफी खराब हो गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया। इस दौरान पत्थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस झड़प में उनके 118 से ज्यादा जवान जख्मी हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से भी चोटिल होने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। भारी बारिश के बाद भी प्रदर्शन स्थल पर करीब 1000 लोग डटे हुए हैं।
दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों का अगला कदम क्या होगा?
संसद मार्च की दोबारा घोषणा के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए फिर से बैरिकेड लगाए जाएंगे। इसके अलावा पुलिस अब पुराने फुटेज और मोबाइल वीडियो की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हिंसा के पीछे कोई सोची समझी साजिश तो नहीं थी। फिलहाल सीजेपी की अगली रणनीति को लेकर बैठकों का दौर जारी है।
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