NEET UG Counseling: मेडिकल शिक्षा में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने नीट यूजी काउंसलिंग 2026 की समीक्षा करते हुए पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक संपन्न बनाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मुख्य जोर इस बात पर है कि छात्रों को प्रवेश के दौरान किसी भी तरह की परेशानी न हो और पूरी व्यवस्था मेरिट के आधार पर चले। इस बार आईटी सिस्टम और साइबर सुरक्षा को भी पहले से अधिक मजबूत किया गया है ताकि पोर्टल बिना किसी रुकावट के काम कर सके।
इन नए बदलावों से छात्रों को क्या फायदा होगा?
प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने कई बड़े कदम उठाए हैं। अब काउंसलिंग के दौरान छात्रों को बार-बार कॉलेज नहीं जाना पड़ेगा। सीट मिलने के बाद दस्तावेज सत्यापन जैसी मुख्य प्रक्रियाएं डिजिटल माध्यम से पूरी की जा सकेंगी। इससे दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले छात्रों के समय और पैसे की बड़ी बचत होगी।
काउंसलिंग प्रक्रिया में कौन सी नई सुविधाएं शामिल हैं?
- अब छात्रों के लिए ‘वन-टाइम फिजिकल रिपोर्टिंग’ की सुविधा शुरू की गई है, जिससे बार-बार संस्थान जाने की जरूरत खत्म हो गई है।
- सीट छोड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए पहली बार ऑनलाइन इस्तीफे (रेजिग्नेशन) का विकल्प दिया गया है।
- दस्तावेज सत्यापन और एनआरआई कोटा चयन जैसी पूरी प्रक्रिया का अब डिजिटलीकरण कर दिया गया है।
- दिव्यांग छात्रों की सुविधा के लिए मूल्यांकन केंद्रों की संख्या 16 से बढ़ाकर 61 कर दी गई है।
- अभ्यर्थियों की मदद के लिए 24 घंटे काम करने वाली टोल-फ्री हेल्पलाइन सेवा शुरू की गई है।
- छात्र अब अपनी पसंद के अनुसार ‘फ्रीज’ या ‘फ्लोट’ विकल्प का चुनाव ऑनलाइन पोर्टल पर ही कर सकेंगे।
सरकार की अगली रणनीति
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि छात्रों की शिकायतों का निपटारा तुरंत किया जाए। काउंसलिंग से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी अब वीडियो के माध्यम से भी उपलब्ध कराई जाएगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी सूचना के लिए केवल एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें और काउंसलिंग शुरू होने से पहले नियम पुस्तिका को ध्यान से पढ़ लें।
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