सीकर में ठंड: सीकर और आसपास के शेखावाटी क्षेत्र में आज हाड़ कंपा देने वाली ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। न्यूनतम तापमान -0.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जो इस सीजन का सबसे ठंडा दिन साबित हो रहा है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं और फसलों को बचाने के लिए उन्हें ढक रहे हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के समाप्त होने के साथ ही ठंड ने जोर पकड़ लिया है।
पारा जमाव बिंदु पर पहुंचा
जिले में पिछले तीन दिनों से कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। आज पारा जमाव बिंदु पर पहुंच गया, जिससे लोगों की कंपकंपी छूट रही है। किसानों को फसलों की चिंता सताने लगी है, जो रात में तिरपाल से ढकने को मजबूर हैं।
शीतलहर से थर्राया सीकर
सीकर में पिछले 72 घंटों से ठंडी हवाओं का सिलसिला जारी है। लोगों का कहना है कि इस कड़ाके की ठंड ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
अगले 48 घंटे में नहीं मिलेगी राहत
जयपुर मौसम केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, सीकर में अगले 48 घंटे तक कड़ाके की ठंड से राहत की उम्मीद नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, इस सप्ताह के अंत में मौसम में बदलाव की उम्मीद है। वहीं, वेस्टर्न डिस्टरबेंस के फिर से सक्रिय होते ही तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।
फसलों पर संकट के बादल
किसान अपनी सरसों और गेहूं की फसलों को ठंड से बचाने के लिए रातभर जागकर तिरपाल डालते नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी ठंड का ऐसा ही प्रकोप जारी रहेगा।




