Kajol Devgn: ‘न्यासा पर टिप्पणियों को न लें दिल पर’ – काजोल की सलाह, जानें कैसे करें सामना

Kajol Devgn: बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल ने बताया कि कैसे उन्होंने और अजय देवगन ने ट्रोल्स से निपटना सीखा। बच्चों की आलोचना पर काजोल ने अपनी बेटी न्यासा को खुद पर विश्वास रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आलोचना को नजरअंदाज करना कठिन है, लेकिन खुद को शांत रखना जरूरी है।

Rupali kumawat
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Rupali kumawat - Sub Editor
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Kajol Devgn: बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री काजोल ने हाल ही में बताया कि उन्होंने और उनके पति अजय देवगन ने ट्रोल्स से कैसे निपटना सीखा है। लेकिन जब बात उनके बच्चों की आती है, तो वो भी बाकी माता-पिता की तरह ही संवेदनशील हो जाती हैं। काजोल ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी न्यासा को सलाह दी है कि लोग चाहे कुछ भी कहें, उसे खुद पर विश्वास रखना चाहिए।

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बच्चों पर टिप्पणियों से कैसे निपटें

काजोल ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब उनके बच्चों पर कोई टिप्पणी होती है, तो उन्हें भी गुस्सा आता है। उन्होंने न्यासा से कहा कि चाहे वो मंदिर जाए या क्लब, लोग हमेशा कुछ न कुछ कहेंगे। इसलिए जरूरी है कि वो इन चीजों को दिल पर न ले और अपनी राह पर आगे बढ़े। उनका मानना है कि आलोचना को नजरअंदाज करना हमेशा आसान नहीं होता, लेकिन खुद को शांत रखना जरूरी है।

आलोचना को कैसे देखें

आदित्य बिड़ला एजुकेशन ट्रस्ट के Mpower की साइकोलॉजिस्ट रीमा भांडेकर का कहना है कि आलोचना सुनकर दुखी होना स्वाभाविक है। लेकिन इसे ग्रोथ माइंडसेट के साथ देखना चाहिए। जब कोई हमारी क्षमताओं पर सवाल उठाए, तो हमें इसे एक आंकड़े की तरह लेना चाहिए और जहां जरूरी हो वहां सुधार करना चाहिए। ये मानसिकता हमें एक अप्रिय अनुभव से उबरने में मदद करती है।

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आलोचना से सीखें और आगे बढ़ें

रीमा सुझाव देती हैं कि आलोचना मिलने पर इसे एक तीसरे व्यक्ति के नजरिए से देखने की कोशिश करें। सोचें कि एक सफल व्यक्ति इस आलोचना को कैसे लेगा। आलोचना के उपयोगी पहलुओं पर ध्यान दें और अपनी भावनाओं को नियंत्रित रखें। गहरी सांसें लें, किसी समझदार व्यक्ति से बात करें, या थोड़ी देर टहलें। आलोचना का जवाब कृतज्ञता और विनम्रता से दें और इसे सीखने के अवसर के रूप में देखें।

खुद पर विश्वास बनाए रखें

आलोचना को खुद को साबित करने के अवसर के रूप में लें। नकारात्मकता को अपने सपनों के बीच में न आने दें। अगर उम्मीदों पर खरा न उतरने के लिए आलोचना मिलती है, तो विशेषज्ञों से बात करें। दूसरों के नजरिए से चीजों को देखने की कोशिश करें और समझें कि हर किसी की अपनी राय होती है। खुद का आकलन करना न शुरू करें, बल्कि सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ें।

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रुपाली कुमावत पिछले कई वर्षों से लेखन क्षेत्र में कार्यरत हैं। उनको हिंदी कविताएं, कहानियां लिखने के अलावा ब्रेकिंग, लेटेस्ट व ट्रेंडिंग न्यूज स्टोरी कवर करने में रुचि हैं। उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से BADM में M.Com किया हैं एवं पंडित दीनदयाल शेखावाटी यूनिवर्सिटी से family law में LL.M किया हैं। रुपाली कुमावत के लेख Focus her life, (राजस्थान पत्रिका), सीकर पत्रिका, https://foucs24news.com, खबर लाइव पटना जैसे मीडिया संस्थानों में छप चुके हैं। फिलहाल रुपाली कुमावत 89.6 एफएम सीकर में बतौर न्यूज कंटेंट राइटर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
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