Date palm scam: राजस्थान के 17 जिलों में किसानों के साथ बड़ा धोखा हुआ है। राज्य के किसानों को खजूर की खेती के नाम पर खराब और नर पौधे थमा दिए गए, जिससे उनकी पूरी मेहनत बेकार हो गई। करीब 10 महीने बाद जब पौधों में फल नहीं आए, तो जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। अब सरकार ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए सप्लायर कंपनी पर FIR दर्ज कराई है और किसानों को 2.10 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है।
इन आंकड़ों के पीछे की असली कहानी समझिए?
खजूर की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से बड़ी योजना शुरू की गई थी, लेकिन सप्लायर कंपनी की लापरवाही ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इस मामले से जुड़ी कुछ प्रमुख जानकारियां नीचे दी गई हैं:
- प्रदेश के 17 जिलों में डेढ़ लाख से ज्यादा पौधे सप्लाई किए गए थे।
- जांच में पाया गया कि कई पौधे नर थे, जिनमें फल नहीं आ सकते थे।
- श्रीगंगानगर में सबसे पहले फर्जीवाड़े का पता चला, जहां 6500 में से 3811 पौधे खराब निकले।
- सरकार ने सप्लायर कंपनी को प्रति पौधा 3 हजार से 5 हजार रुपये का भुगतान किया था।
- कुल घोटाला करीब 35.25 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है।
प्रभावित किसानों को अब क्या राहत मिलेगी?
सरकार ने हॉर्टिकल्चर विभाग के माध्यम से प्रभावित किसानों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत केवल मुआवजा ही नहीं, बल्कि खराब पौधों को बदलकर सही पौधे भी दिए जाएंगे।
- श्रीगंगानगर के किसानों को 1.10 करोड़ रुपये का मुआवजा जारी किया जा चुका है।
- बाड़मेर, जैसलमेर, अजमेर, बीकानेर, हनुमानगढ़, झुंझुनू और पाली के किसानों को 1 करोड़ रुपये बांटे जाएंगे।
- मुआवजे की राशि और नए पौधे मार्च महीने तक किसानों के खातों और खेतों तक पहुंच जाएंगे।
- अनुबंध तोड़ने और धोखाधड़ी करने के आरोप में कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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