Gold Price 2025: जयपुर के सर्राफा बाजार में इस सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों ने सबको चौंका दिया। सोने का स्टैंडर्ड भाव 1,100 रुपए और 22 कैरेट जेवराती सोना 1,000 रुपए प्रति दस ग्राम महंगा हो गया। चांदी भी 1,900 रुपए की तेजी से ऊपर गई। इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों का रिकॉर्ड स्तर पर होना है। जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो सोने-चांदी की मांग में भी इजाफा होता है।
क्यों बढ़ रही हैं सोने-चांदी की कीमतें?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस समय सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। अमेरिका के कॉमेक्स एक्सचेंज में दिसंबर डिलीवरी का सोना 46 डॉलर की बढ़त के साथ 3,855 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, नवंबर डिलीवरी की चांदी 0.279 डॉलर की तेजी से 46.935 डॉलर प्रति आउंस पर पहुंच गई है। विशेषज्ञ कहते हैं कि निवेशक अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए इन धातुओं में पैसा लगा रहे हैं, जिससे कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
अमेरिकी नीतियों का प्रभाव
इस साल अमेरिकी सेंट्रल बैंक, फेडरल रिजर्व, की ब्याज दरों में 0.5% कटौती की उम्मीद है, जिससे वैश्विक बाजारों में हलचल मची हुई है। ब्याज दरों की कटौती से डॉलर की वैल्यू कम होती है, जिससे सोना खरीदने के लिए ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में सोने की मांग बढ़ जाती है। ट्रेडरों को उम्मीद है कि अक्टूबर में ब्याज दरें घट सकती हैं और दिसंबर में एक और कटौती की संभावना 65% है।
जयपुर बाजार की मौजूदा स्थिति
जयपुर के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें इस समय अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। सोना स्टैंडर्ड 11,840 रुपए प्रति दस ग्राम पर बिक रहा है, जबकि जेवराती सोना 11,040 रुपए प्रति दस ग्राम पर मिल रहा है। चांदी की कीमतें भी 148.1 रुपए प्रति ग्राम तक जा पहुंची हैं। सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी का कहना है कि इस साल चांदी ने सबसे ज्यादा 68% रिटर्न दिया है। अगर अमेरिका में शटडाउन की आशंका सच होती है, तो सोने-चांदी की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं।




