Jaipur Storm: राजस्थान की राजधानी जयपुर में कुदरत का भयानक रूप देखने को मिला है। अचानक आए भीषण तूफान और धूल भरी आंधी ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। महज कुछ ही मिनटों के भीतर चली तेज हवाओं ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा के कारण दो लोगों की जान चली गई और शहर भर में भारी माली नुकसान हुआ है। चारों तरफ गिरे पेड़ और बिजली के खंभे इस तबाही की गवाही दे रहे हैं।
जयपुर में आए इस बवंडर ने आम जनजीवन को पूरी तरह से रोक दिया है। सड़कों पर खड़े वाहन मलबे में दब गए और कई जगहों पर मकानों की छतें तक उड़ गईं।
कैसे काल बनकर आया यह तूफान?
शहर में हुई इन मौतों ने हर किसी को झकझोर दिया है। बिजली के पोल गिरने और पहाड़ी मलबे की चपेट में आने से दो परिवारों के चिराग बुझ गए। पुलिस और प्रशासन की टीमें अब राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।
- बिजली का खंभा गिरने से एक बिजली मिस्त्री की मौके पर ही मौत हो गई।
- पहाड़ी क्षेत्र में पत्थर खिसकने से एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान चली गई।
- जोरावर सिंह गेट के पास स्थित बस्ती में एक मकान ढहने से महिला मलबे में दब गई।
- रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में फंसी महिला को सुरक्षित बाहर निकाला।
कितना हुआ है संपत्ति और फसलों का नुकसान?
तूफान का असर केवल इंसानों पर ही नहीं बल्कि संपत्ति पर भी बहुत ज्यादा पड़ा है। शहर की मुख्य सड़कों पर लगे विशाल विज्ञापन बोर्ड और पेड़ों के गिरने से दर्जनों गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के नुकसान की बात सामने आ रही है।
ग्रामीण इलाकों की स्थिति और भी खराब है। वहां खेतों में पककर तैयार खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गई हैं। किसानों की महीनों की कमाई और मेहनत इस आंधी में मिट्टी में मिल गई है। प्रशासन अब नुकसान का सर्वे करके रिपोर्ट तैयार कर रहा है ताकि प्रभावितों की मदद की जा सके।


