Kanwar Yatra Guidelines: सावन के पवित्र महीने में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए राजस्थान पुलिस प्रशासन ने पुख्ता तैयारी कर ली है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस ने एक विशेष मार्गदर्शिका जारी की है। इस निर्देशिका में कांवड़ियों के लिए कई जरूरी नियम तय किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) वीके सिंह ने राज्य के सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने और पुलिस बलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
कांवड़ियों को किन चीजों के इस्तेमाल की नहीं होगी अनुमति?
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने यात्रा के दौरान कई चीजों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह के हथियार, त्रिशूल, लाठी, डंडा, हॉकी या नुकीली चीजें साथ ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
- यात्रियों के लिए किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों और शराब का सेवन करने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
- सभी कांवड़ यात्रियों को अपने साथ एक असली पहचान पत्र रखना जरूरी होगा।
- श्रद्धालुओं को केवल प्रशासन द्वारा तय किए गए रास्तों से ही यात्रा करनी होगी।
- नवनिर्मित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर कांवड़ियों के पैदल चलने या किसी भी वाहन से जाने पर पूरी पाबंदी रहेगी।
- माल ढोने वाले वाहनों, गाड़ियों की छतों या ट्रेनों की छत पर बैठकर यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
डीजे बजाने और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या हैं नियम?
कांवड़ यात्रा के दौरान ध्वनि प्रदूषण और कानून व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए डीजे बजाने के नियमों को बेहद कड़ा किया गया है। यात्रा में तेज आवाज वाले डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई डीजे बजाना चाहता है, तो उसे पहले पुलिस से अनुमति लेनी होगी और बजने वाले गानों की स्क्रीनिंग करानी होगी। तय सीमा से तेज आवाज मिलने पर डीजे को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। इसके साथ ही किसी भी तरह के भड़काऊ या माहौल बिगाड़ने वाले गानों और नारों पर पूरी रोक रहेगी।
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के लिए वीडियोग्राफी और एंटी-सबोटाज जांच की जाएगी। किसी भी तरह की अनहोनी या विवाद होने पर पुलिस टीम को 10 मिनट के अंदर मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, मरीजों के लिए एम्बुलेंस का रास्ता साफ रखने हेतु अलग कॉरिडोर बनाया जाएगा। पुलिस यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए रूट डायवर्जन की जानकारी 48 घंटे पहले ही सार्वजनिक कर देगी। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और झूठे वीडियो पर नजर रखने के लिए चौबीसों घंटे निगरानी टीम सक्रिय रहेगी।
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