Missing Husband:
राजस्थान के उदयपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां गोगुंदा क्षेत्र में एक महिला अपने लापता पति की तलाश में पानी की टंकी पर चढ़ गई। महिला का आरोप है कि पुलिस 43 दिनों से गायब उसके पति को ढूंढने में पूरी तरह नाकाम रही है। करीब 6 घंटे तक चले इस हंगामे के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाने का लिखित आश्वासन दिया, तब जाकर महिला नीचे उतरने को तैयार हुई।
महिला ने पानी की टंकी पर चढ़कर क्या मांग की?
यह घटना शनिवार सुबह गोगुंदा के कुंडाऊ गांव में हुई। कमला बाई (27) सुबह लगभग 7:30 बजे गांव में बनी एक निर्माणाधीन पानी की टंकी पर चढ़ गई। उसने साफ तौर पर कहा कि जब तक पुलिस उसके पति तुलसीराम गमेती के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं देगी, वह नीचे नहीं उतरेगी। महिला द्वारा आत्महत्या की धमकी देने के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीण, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के होश उड़ गए। देखते ही देखते घटना स्थल पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और आदिवासी समाज के लोग जमा हो गए।
अधिकारियों ने स्थिति को संभालने के लिए क्या कदम उठाए?
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के कई आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। इनमें एएसपी अंजना सुखवाल, गिर्वा डीएसपी राजेश यादव, मावली डीएसपी (प्रशिक्षु आईपीएस) असीमा वाधवानी और गोगुंदा एसडीएम शुभम भैसारे शामिल थे। इसके अतिरिक्त, उदयपुर से SDRF की टीम को भी बुलाया गया। अधिकारियों ने कड़ी धूप में लगातार 5 घंटों तक नीचे खड़े होकर महिला और समाज के पंचों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।
कौन है तुलसीराम गमेती और कब से है वह लापता?
लापता तुलसीराम गमेती की उम्र 29 साल है और वह 15 फरवरी से गायब है। परिवार का आरोप है कि उस शाम वेणी सिंह राजपूत उसे सीमेंट खाली करवाने के बहाने घर से ले गया था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। गोगुंदा थाने में वेणी सिंह राजपूत के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद, 40 दिन से ज्यादा बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। बढ़ते जनदबाव के बाद पुलिस ने तुलसीराम के पोस्टर छपवाए थे और उसकी जानकारी देने वाले को 1 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा भी की थी।
इस घटना से परिवार और गांव वाले क्यों आक्रोशित हैं?
पीड़ित पत्नी कमला बाई ने बताया कि तुलसीराम परिवार में अकेला कमाने वाला था। उनके तीन छोटे बच्चे हैं, जिनके सामने अब रोजी-रोटी का गहरा संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भारी आक्रोश व्यक्त किया। दोपहर करीब 1:30 बजे, जब अधिकारियों ने इस मामले के लिए एक अलग SIT बनाने और त्वरित कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन दिया, तब कमला बाई पानी की टंकी से नीचे उतरने को सहमत हुई।
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