Rajasthan Wedding Tourism: राजस्थान में अब शादियों के शाही आयोजन के लिए केवल सर्दियों के मौसम का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। राज्य सरकार प्रदेश को पूरे बारह महीने चलने वाला देश-विदेश का सबसे पसंदीदा वेडिंग हब बनाने की बड़ी तैयारी में जुट गई है। पर्यटन मंत्री और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने घोषणा की है कि डेस्टिनेशन वेडिंग का आयोजन अब केवल नवंबर से अप्रैल तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे सालभर आयोजित किया जाएगा।
शादियों के सीजन को लेकर सरकार का क्या है नया मास्टर प्लान?
जयपुर में आयोजित इंटरनेशनल वेडिंग एंड टूरिज्म कॉन्क्लेव के तीसरे सीजन की शुरुआत करते हुए उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस नए प्लान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन शादी-ब्याह से जुड़े ज्यादातर कार्यक्रम केवल छह महीनों में ही सिमट कर रह जाते हैं। इससे राज्य के चुनिंदा होटल उद्योगों पर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने वेडिंग प्लानर्स, होटल व्यवसायियों और इवेंट कंपनियों से अपील की है कि वे अप्रैल से अक्टूबर तक के समय में भी बड़े आयोजन करें। इस खाली समय में भी राजस्थान में डेस्टिनेशन वेडिंग, कॉरपोरेट मीटिंग्स और दूसरे पर्यटन कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
जयपुर और उदयपुर के अलावा अब कहां सजेंगी शहनाइयां?
पर्यटन मंत्री ने साफ किया कि डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए अब केवल जयपुर, उदयपुर या जोधपुर पर ही निर्भर नहीं रहना होगा। राजस्थान के कई और खूबसूरत इलाकों को भी इस नक्शे पर लाया जा रहा है। सरकार इन नए पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं, बेहतर सड़कें और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रही है। शादी के नए ठिकानों में इन जगहों को विकसित किया जाएगा:
- शेखावाटी की ऐतिहासिक और सुंदर हवेलियां
- जैसलमेर और बीकानेर के चमकीले और खूबसूरत रेतीले धोरे
- बांसवाड़ा और डूंगरपुर के प्राकृतिक झरने और हरियाली
- चित्तौड़गढ़ और कुंभलगढ़ के विशाल एवं ऐतिहासिक किले
- भरतपुर का मशहूर पक्षी विहार और पुष्कर की पवित्र झील
- सवाई माधोपुर के घने जंगल और बूंदी, कोटा व राजसमंद के सुंदर इलाके
इस बड़े फैसले से स्थानीय लोगों को कैसे मिलेगा फायदा?
जब राजस्थान में पूरे साल पर्यटकों और मेहमानों की आवाजाही बनी रहेगी, तो इससे सीधे तौर पर स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी। पर्यटन को बढ़ावा मिलने से युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। इस पहल से होटल, गाड़ी चलाने वाले, इवेंट मैनेजमेंट करने वाली कंपनियां, फोटोग्राफर, सजावट करने वाले, कैटरिंग वाले और स्थानीय लोक कलाकारों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ मिलेगा।
इस दो दिवसीय सम्मेलन में देश और दुनिया से 600 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के पर्यटन मंत्री कुंडला दुर्गेश भी शामिल हुए, जिन्होंने राज्यों के बीच आपसी पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया।
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