Cyber Criminal: सीकर में कंबोडिया का एजेंट गिरफ्तार, युवाओं को साइबर गुलाम बनाने वाले गिरोह का खुलासा

Cyber Criminal: सीकर पुलिस ने कंबोडिया के शातिर साइबर एजेंट को गिरफ्तार किया है, जो युवाओं को नौकरी का झांसा देकर विदेश में साइबर गुलाम बनाता था।

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Rajasthan Desk - News
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Cyber Criminal: सीकर की साइबर थाना पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कंबोडिया से जुड़े एक शातिर एजेंट को दबोचा है। यह आरोपी राजस्थान के भोले-भाले युवाओं को विदेशों में मोटी तनख्वाह और सुख-सुविधाओं का झांसा देकर वहां भेज देता था। असल में यह एजेंट कंबोडिया की ठग कंपनियों के लिए काम करता था, जो भारतीय युवाओं को बंधक बनाकर उनसे साइबर अपराध करवाती थीं। जिला पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि साइबर सेल और थाने की संयुक्त टीम ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

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क्या था एजेंट का पूरा नेटवर्क?

पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी सद्दाम हुसैन अंसारी सीकर के रामगढ़ सेठान का रहने वाला है। वह खुद कंबोडिया में एक कंपनी के एचआर विभाग में काम कर चुका है। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी साल 2023 से 2026 के बीच करीब दो साल कंबोडिया में रहा था। वहां कंपनियों से साठगांठ करने के बाद उसने राजस्थान के बेरोजगार लड़कों को डाटा एंट्री की नौकरी का लालच देना शुरू किया।

विदेश पहुंचते ही युवाओं के साथ क्या हुआ?

जब कोई युवा नौकरी के लालच में इन दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में पहुंचता है, तो सबसे पहले उनका पासपोर्ट छीन लिया जाता है। इसके बाद उन्हें जबरन डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाएं और कस्टमर केयर के नाम पर भारत के ही लोगों को ठगने के लिए मजबूर किया जाता है। आरोपी सद्दाम ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:

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  • आरोपी हर एक युवक को कंबोडिया भेजने के बदले कंपनी से 300 डॉलर यानी करीब 25 हजार रुपये कमीशन लेता था।
  • कंबोडिया के एक ही सेंटर में करीब 200 भारतीय काम कर रहे थे, जिनमें से 150 अकेले राजस्थान के सीकर और ब्यावर से थे।
  • शुरुआत में आरोपी खुद वहां 400 डॉलर की मासिक पगार पर काम करता था।
  • पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल और पासपोर्ट बरामद किया है।

पुलिस की अगली कार्रवाई

यह गिरफ्तारी साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रहे एक महीने के विशेष अभियान के तहत की गई है। आरोपी के खिलाफ जयपुर के साइबर थाने में पहले से ही मामले दर्ज थे, इसलिए उसे आगे की पूछताछ के लिए जयपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस अब सद्दाम के बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट की जांच कर रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य एजेंटों का पता लगाया जा सके। इस पूरी कार्रवाई में एएसआई ताराचंद, दीनदयाल और उनकी टीम ने अहम भूमिका निभाई है।

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