Rain in Sikar Weather Alert: पश्चिमी विक्षोभ का असर प्रदेश में लगातार बना हुआ है, जिसके चलते कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। सोमवार देर शाम से ही सीकर शहर और आसपास के गांवों में रुक-रुक कर बरसात होती रही। रातभर की बूंदाबांदी के बाद मंगलवार सुबह तेज बारिश ने शहर को तरबतर कर दिया। मौसम विभाग के मुताबिक, बीते 24 घंटे में सीकर में 28 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है।
सीकर शहर में इस वक्त भी रुक-रुक कर बारिश जारी है। रातभर की बूंदाबांदी के बाद सुबह करीब 7 बजे से तेज बारिश शुरू हुई, जो अब भी जारी है। मौसम विभाग ने तीन घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।
सुबह से लगातार तेज बारिश हो रही है, जिससे सड़कों पर पानी भर गया है और लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राधाकिशनपुरा, फतेहपुर रोड, और नवलगढ़ रोड जैसे मुख्य इलाके पानी में डूबे नजर आ रहे हैं।
सुबह-सुबह आफत की बारिश
लगातार एक घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी है। गाड़ियों की रफ्तार धीमी पड़ गई है, कई जगहों पर दोपहिया वाहन चालकों को संतुलन बनाने में मुश्किलें आ रही हैं। बाजारों में दुकानें बंद हैं और लोग घरों में ही रुकने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट
इस वक्त मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी है। सीकर समेत बीकानेर, जयपुर, नागौर, श्रीगंगानगर और चूरू में अगले कुछ घंटों तक तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। हवा की गति 40 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। कमजोर दीवारें, कच्चे मकान और पेड़ गिरने का खतरा बना हुआ है।
हर बार की तरह इस बार भी शहर बेहाल, राधाकिशनपुरा और नवलगढ़ रोड अंडरपास में भरा पानी
सीकर शहर में बारिश के दौरान सबसे बड़ी समस्या राधाकिशनपुरा और नवलगढ़ रोड के अंडरपास बन गए हैं। हर तेज बारिश के बाद यहां दो-दो दिन तक पानी भरा रहता है। नवलगढ़ रोड पर हालात इतने खराब हो जाते हैं कि ट्रैफिक को डायवर्ट करना पड़ता है, जबकि राधाकिशनपुरा अंडरपास से पूरा रास्ता बंद हो जाता है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इन इलाकों में पानी निकासी की पुख्ता व्यवस्था अब तक नहीं की गई है। विभाग पंपों की मदद से पानी निकालने की कोशिश करता है, लेकिन इस प्रक्रिया में घंटों लग जाते हैं।
ADM रतन कुमार ने दावा किया कि मानसून से पहले तैयारियों का जायजा लिया गया है। नगर परिषद को नालियों की सफाई कराने और जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष फोकस रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बारिश के दौरान अलग-अलग टीमें तैनात की जाएंगी ताकि जनता को परेशानी न हो।
वहीं नगर परिषद की एक्सईएन प्रतिभा ने बताया कि बड़े नालों की सफाई शुरू कर दी गई है, कई जरूरी कार्यों के टेंडर जारी किए गए हैं। शहर के गड्ढे भरे जा रहे हैं और टूटी सड़कों की मरम्मत भी कराई जाएगी।
लेकिन बड़ा सवाल यही है – हर साल बारिश से पहले वादे होते हैं, तैयारियों की बातें होती हैं, फिर भी हर बार सीकर के लोग पानी में डूबते हैं। आखिर कब मिलेगा स्थायी समाधान?




