NEET Student Suicide: राजस्थान के सीकर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा के नतीजों के बाद एक दुखद घटना सामने आई है। जयपुर के रहने वाले 17 साल के एक छात्र ने नीट परीक्षा के बाद आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि कम अंक आने के डर और तनाव में था। यह छात्र पिछले दो वर्षों से सीकर में रहकर डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए पढ़ाई कर रहा था।
हॉस्टल के कमरे में क्या हुआ था?
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक छात्र निखिल जयपुर ग्रामीण के रामपुरा डाबड़ी इलाके का रहने वाला था। वह शहर के एक निजी हॉस्टल में रहकर 12वीं के साथ नीट की तैयारी कर रहा था। जब सुबह काफी देर तक निखिल ने अपने कमरे का गेट नहीं खोला, तो हॉस्टल कर्मियों को चिंता हुई। आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो खिड़की से अंदर झांक कर देखा गया, जहां छात्र का शव फंदे से लटका हुआ मिला।
निखिल के कमरे से जांच में क्या मिला?
पुलिस की शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं, जो यह बताती हैं कि छात्र अपनी पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर था:
- निखिल पढ़ाई में काफी होनहार था और पूरा समय किताबों को ही देता था।
- वह तकनीक और सोशल मीडिया के दौर में भी अपने पास मोबाइल फोन नहीं रखता था।
- पुलिस की तलाशी में छात्र के कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
- पुलिस अब छात्र के नीट स्कोर कार्ड की जांच कर रही है ताकि तनाव की सटीक वजह पता चल सके।
कोचिंग सिटी में क्यों बढ़ रहे हैं खुदकुशी के मामले?
सीकर में नीट परीक्षा के विवादों और परिणाम के बाद सुसाइड का यह तीसरा मामला सामने आया है। उद्योग नगर थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिवार वालों को सौंप दिया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर छात्र किस हद तक मानसिक दबाव में था। यह घटना एक बार फिर कोचिंग संस्थानों में पढ़ रहे बच्चों की मानसिक स्थिति और काउंसलिंग की कमी पर बड़े सवाल खड़े करती है।
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