Shardiya Navratri 2025: आज शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी है, जिसे दुर्गा अष्टमी भी कहा जाता है। इस दिन माता महागौरी की पूजा की जाती है, जिससे जीवन में सुख-शांति आती है। भक्तगण इस खास मौके पर कन्या और कुमारी पूजन करते हैं, जिससे मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। आइए जानते हैं आज के कन्या पूजन और संधि पूजन के शुभ मुहूर्त।
कन्या पूजन के शुभ मुहूर्त
महाअष्टमी की तिथि कल शाम 4:31 बजे से शुरू हुई और आज शाम 6:06 बजे तक रहेगी। आज कन्या पूजन का पहला मुहूर्त सुबह 5:01 से 6:13 बजे तक है। दूसरा मुहूर्त सुबह 10:41 से दोपहर 12:11 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त भी इस पूजा के लिए शुभ माना गया है, जो सुबह 11:47 से दोपहर 12:35 बजे तक है। इन तीनों मुहूर्तों में आप कन्या पूजन कर सकते हैं।
कन्या पूजन की विधि
महाअष्टमी के दिन कम से कम 9 कन्याओं और 1 छोटे लड़के को आमंत्रित करना चाहिए। इन्हें एक या दो दिन पहले आदरपूर्वक बुलाना बेहतर होता है। जब ये कन्याएं आएं, तो सबसे पहले उनके पैरों को साफ पानी से धोकर तिलक करें और उन्हें आराम से बैठाएं। चुनरी उड़ाकर उनका सम्मान करें और उनकी पसंद का स्वादिष्ट भोजन परोसें। भोजन के बाद उन्हें उपहार दें और आशीर्वाद प्राप्त करें।
कन्या पूजन के नियम
नवरात्र में हर तिथि पर एक कन्या की पूजा होती है, जबकि अष्टमी या नवमी पर नौ कन्याओं की पूजा की जाती है। 2 वर्ष की कन्या से दुख और दरिद्रता दूर होती है। 3 वर्ष की कन्या से धन-समृद्धि आती है। 4 वर्ष की कन्या से परिवार का कल्याण होता है। 5 वर्ष की कन्या से रोगों से मुक्ति मिलती है। 6 वर्ष की कन्या से विद्या और विजय प्राप्त होती है। 7 वर्ष की कन्या से ऐश्वर्य आता है। 8 वर्ष की कन्या से वाद-विवाद में विजय मिलती है। 9 वर्ष की कन्या से शत्रुओं का नाश होता है। 10 वर्ष की कन्या से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं।




