Sikar Firing Case: सीकर के तनिष्क शोरूम में हुई फायरिंग और लूट की कोशिश के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस की जांच अब राजस्थान से निकलकर देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है। घटना के 8 दिन बीत जाने के बाद भी हमलावरों की पहचान पुख्ता नहीं हो सकी है, लेकिन तकनीकी जांच और करीब 5 हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर पुलिस दिल्ली के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर रही है। पुलिस की 14 टीमें इस वक्त आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं।
फायरिंग के बाद कैसे भागे आरोपी?
26 जुलाई की सुबह करीब 11:30 बजे बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया था। शोरूम में ग्राहक बनकर घुसे इन अपराधियों ने हथियारों के दम पर स्टाफ को डराने की कोशिश की, लेकिन सायरन बजते ही वे घबराकर भाग निकले। भागने के लिए उन्होंने बहुत ही शातिर तरीका अपनाया।
- बदमाशों ने भागने के लिए पहले बाइक का इस्तेमाल किया।
- जयपुर ग्रामीण इलाके में पहुंचने के बाद उन्हें एक क्रेटा कार मिली, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी।
- यह कार दिल्ली तक आरोपियों के साथ देखी गई है।
- आरोपियों ने खाटूश्यामजी के एक गेस्ट हाउस में रुकने के लिए फर्जी आईडी और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया था।
- पुलिस जब गेस्ट हाउस पहुंची, तो वहां मिले सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए।
CCTV और तकनीकी जांच पर पुलिस का फोकस
पुलिस के पास इस वक्त सबसे बड़ा सहारा सीसीटीवी फुटेज ही है। हालांकि, अपराधी इतने चालाक हैं कि उन्होंने कैमरों से बचने की पूरी कोशिश की है। पुलिस की टीमें अब दिल्ली के उन ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, जहां इन बदमाशों के छिपे होने की संभावना है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि फर्जी आईडी के इस्तेमाल से साफ है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी।
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