Sikar MBBS Student Death: राजस्थान के सीकर जिले का रहने वाला एक होनहार छात्र जो कजाकिस्तान में डॉक्टरी की पढाई कर रहा था, उसकी वहां संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक छात्र कनिष्क सैनी ने अपनी एमबीबीएस की पढाई लगभग पूरी कर ली थी और आगामी 8 जून को वह वापस अपने वतन लौटने वाला था। इसके लिए उसने टिकट भी बुक करा लिया था, लेकिन घर आने से पहले ही उसकी मौत की खबर ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है। कनिष्क के पिता ने हॉस्टल प्रबंधन पर कई गंभीर सवाल खडे किए हैं।
कजाकिस्तान में छात्र के साथ उस रात क्या हुआ था?
पिता किशनलाल सैनी के अनुसार, 16 मार्च की रात करीब ढाई बजे उनके पास कजाकिस्तान से एक फोन आया। हॉस्टल चलाने वाले महेंद्र ने उन्हें सूचना दी कि कनिष्क पांचवीं मंजिल से नीचे गिर गया है। बताया जा रहा है कि कनिष्क साल 2021 में एमबीबीएस करने के लिए काराकंधा मेडिकल यूनिवर्सिटी गया था। परिवार का कहना है कि उनकी मौत की वजह अभी भी रहस्य बनी हुई है और वे इसे महज एक हादसा नहीं मान रहे हैं।
परिजनों ने हॉस्टल प्रशासन पर क्यों उठाए सवाल?
कनिष्क की मौत की सूचना मिलते ही उसके ताऊ और मामा कजाकिस्तान पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें सहयोग नहीं मिला। परिवार ने प्रशासन पर साक्ष्यों को छिपाने का आरोप लगाया है। छात्र के परिजनों ने निम्नलिखित मुख्य आरोप लगाए हैं:
- कॉलेज और हॉस्टल के लोगों ने परिजनों को वह जगह नहीं दिखाई जहां से छात्र गिरा था।
- मृतक का लेपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य निजी सामान अब तक परिवार को नहीं सौंपा गया है।
- परिजनों के पहुंचने से पहले ही छात्र का पोस्टमार्टम कर दिया गया।
- जब छात्र का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो शरीर पर चोट के निशान नहीं थे, जिससे संदिग्ध स्थिति पैदा हो गई है।
क्या कजाकिस्तान में भारतीय छात्र सुरक्षित नहीं हैं?
इस घटना ने एक बार फिर विदेश में पढ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर सवाल खडे कर दिए हैं। इससे पहले भी कजाकिस्तान में राजस्थान के छात्रों के साथ दुखद घटनाएं हो चुकी हैं। पिछली कुछ घटनाओं पर नजर डालें तो स्थिति चिंताजनक लगती है:
- जनवरी 2026 में लक्ष्मणगढ के 23 साल के छात्र ऋषिराज की एक कार एक्सीडेंट में जान चली गई थी।
- उसी हादसे में बहरोड के रहने वाले राहुल यादव की भी इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
- इन सडक हादसों में कई अन्य मेडिकल छात्र बुरी तरह घायल हुए थे।




