Sikar Sainik School: सीकर के मोहनपुरा में स्थित महाराव शेखाजी बालिका सैनिक स्कूल में सुविधाओं के अभाव को लेकर रविवार को बड़ा बवाल खड़ा हो गया। बेटियों को मिल रही खराब सुविधाओं से नाराज होकर अभिभावकों ने प्रदर्शन किया और अपनी बच्चियों को स्कूल से घर ले गए। परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन सैनिक स्कूल के नाम पर मोटी फीस वसूल रहा है, लेकिन छात्राओं को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं दी जा रही हैं। यहां तक कि छोटी बच्चियों को खुद अपने कपड़े धोने पड़ रहे हैं और भोजन की गुणवत्ता भी बेहद खराब है।
बेटियों ने स्कूल में क्या परेशानियां झेली?
स्कूल से बाहर आईं छात्राओं ने वहां के हालातों की पोल खोलकर रख दी। छात्राओं का कहना है कि स्कूल में पिछले कई दिनों से पानी की किल्लत बनी हुई है। बिजली कटौती और कूलर न होने से वे परेशान हैं। एक छात्रा ने बेहद चौंकाने वाला आरोप लगाया कि जब उसने खाने में रोटी मांगी, तो शिक्षिका ने उसे रोटी देने से मना कर दिया और कहा कि चावल खाकर ही पेट भर लो। अभिभावकों ने बताया कि स्कूल में खेल के मैदान और लॉन्ड्री जैसी जरूरी सुविधाएं भी गायब हैं।
सैनिक स्कूल की फीस लेकर आरबीएसई की पढ़ाई क्यों?
अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि सैनिक स्कूल के नाम पर सालाना करीब डेढ़ लाख रुपए फीस ली जा रही है। इसके बावजूद वहां की व्यवस्थाएं किसी सामान्य स्कूल जैसी भी नहीं हैं। परिजनों ने निम्नलिखित प्रमुख मुद्दे उठाए हैं:
- सैनिक स्कूल के नाम पर फीस ली जा रही है पर आर्मी का कोई स्टाफ तैनात नहीं है।
- सीबीएसई की जगह हिंदी माध्यम के शिक्षकों से आरबीएसई पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है।
- मैस के लिए 40 हजार रुपए अलग से देने के बाद भी अच्छा खाना नहीं मिल रहा।
- स्कूल में एनसीसी और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं का पूरी तरह अभाव है।
- पानी, बिजली और साफ-सफाई की स्थिति बहुत खराब है।
अभिभावकों ने दी चेतावनी
अभिभावक कृष्णपाल सिंह भाकर ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री तक अपनी 20 सूत्री मांगें पहुंचा दी हैं। परिजनों ने मांग की है कि स्कूल को सैनिक स्कूल सोसायटी के नियमों के तहत चलाया जाए और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार हो। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि अगर 5 सितंबर तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे जयपुर के शहीद स्मारक पर बड़ा धरना प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल अभिभावकों ने अपनी बेटियों को स्कूल भेजने से मना कर दिया है और डाक के जरिए अपना मांग पत्र भेजा है।
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