Sikar Weather Update: सीकर जिले में मानसून के फिर से सक्रिय होने के बाद झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। बीती रात से लेकर मंगलवार सुबह तक हुई जोरदार बरसात ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मानसूनी हवाओं के असर से रात करीब डेढ बजे शुरू हुआ बादलों के बरसने का सिलसिला सुबह साढे सात बजे तक जारी रहा। इस दौरान जिले के कई इलाकों में साढे तीन इंच से भी अधिक पानी गिरा, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे अधिक असर नवलगढ रोड पर दिखा, जहां सडकें किसी तालाब जैसी नजर आने लगी हैं।
सीकर की सडकों पर कैसे बने बाढ जैसे हालात?
लगातार हुई बारिश के कारण सीकर के नवलगढ रोड पर करीब दो किलोमीटर के दायरे में चार फीट तक पानी जमा हो गया है। हालात इतने खराब हो गए कि सुबह कोचिंग जाने वाले छात्रों को गंदे पानी से होकर गुजरना पडा। सडक पर पानी का स्तर इतना ज्यादा था कि कई गाडियां बीच रास्ते में ही बंद हो गई और लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। सीकर ग्रामीण और धोद इलाकों में तो बारिश ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड दिए हैं।
किन इलाकों में कितनी हुई बारिश?
- सीकर ग्रामीण क्षेत्र में सबसे ज्यादा 119 MM बारिश दर्ज की गई है।
- धोद इलाके में भी इंद्रदेव जमकर बरसे और यहां 116 MM पानी गिरा।
- पलसाना में 42 MM और रींगस में 45 MM बरसात हुई।
- लक्ष्मणगढ क्षेत्र में 38 MM बारिश रिकॉर्ड की गई।
- शहर के मुख्य नवलगढ रोड पर 4 फीट तक जलभराव देखा गया।
तापमान में गिरावट के बाद क्या है मौसम का हाल?
बारिश के चलते सीकर के तापमान में बडी गिरावट आई है। सोमवार को जहां लोग भीषण उमस और 38 डिग्री की गर्मी झेल रहे थे, वहीं मंगलवार सुबह फतेहपुर केंद्र पर न्यूनतम तापमान गिरकर 23.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हालांकि, हवा की रफ्तार धीमी होने के कारण कुछ जगहों पर अभी भी हल्की उमस महसूस की जा रही है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि आने वाले दो दिनों तक सीकर में मानसून का दबदबा बना रहेगा और भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
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