Toll Rates Increase: नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने जयपुर से अलग-अलग शहरों के लिए जाने वाले नेशनल हाईवे की टोल दरों में वृद्धि की घोषणा की है। यह वृद्धि 1 अप्रेल से लागू होगी, जिसके बाद जयपुर में रिंग रोड, जयपुर-किशनगढ़, जयपुर-सीकर और जयपुर-दौसा हाईवे के टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को पहले से 5 रुपए से लेकर 20 रुपए तक अधिक शुल्क चुकाना होगा। हालांकि, हल्के मोटर वाहन (LMV) श्रेणी के वाहनों को टोल दरों में बढ़ोतरी से छूट दी गई है।
हल्के वाहनों को क्या राहत मिली है?
NHAI द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इन सभी टोल बूथों पर कार और SUV जैसे हल्के मोटर वाहनों (LMV) के लिए टोल दरों में फिलहाल कोई वृद्धि नहीं की गई है। इन वाहनों पर टोल टैक्स पुरानी दरों से ही लिया जाएगा। टोल शुल्क में अधिकांश बढ़ोतरी केवल कॉमर्शियल या उससे बड़े भारी वाहनों के लिए हुई है।
किन वाहनों के लिए टोल शुल्क कितना बढ़ा है?
एनएचएआई से जारी अधिसूचना के मुताबिक, टोल शुल्क में कुल बढ़ोतरी 5 रुपए से लेकर 20 रुपए तक की गई है। रिंग रोड पर निजी वाहनों और हल्के कॉमर्शियल वाहनों के लिए कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। यहां केवल भारी कॉमर्शियल गाड़ियों के लिए टोल रेटों में 5 रुपए से लेकर 20 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है।
जयपुर के किन टोल बूथों पर बढ़े हैं नए शुल्क?
- जयपुर से दिल्ली जाने वाले पुराने हाईवे पर: दौलतपुरा, मनोहरपुर और शाहजहांपुर टोल प्लाजा।
- जयपुर-किशनगढ़ हाईवे पर: ठीकरिया और बड़गांव।
- रिंग रोड पर: सीतारामपुरा और हिंगोनिया।
- जयपुर-सीकर हाईवे पर: टाटियावास टोल बूथ।
सालाना पास की कीमत में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
NHAI ने भले ही हल्के मोटर वाहनों (LMV) के टोल शुल्क में वृद्धि नहीं की है, लेकिन कार और SUV के लिए बनने वाले सालाना पास की कीमतों में 75 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। टोल की ये नई दरें भी आगामी 1 अप्रेल से ही लागू होंगी। वर्तमान में सालाना पास 3 हजार रुपए में बनता है, जिसमें एक साल या 200 टोल बूथ पार करने की सीमा होती है। अब यह पास 3075 रुपए का मिलेगा।
टोल दरों का निर्धारण कैसे होता है?
नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स की दरें होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के आधार पर तय की जाती हैं। हर साल के अंत में, इस इंडेक्स का मूल्यांकन करके सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नए रेट जारी करता है। टोल की राशि सड़क की लंबाई और उस पर बने आधारभूत संरचना जैसे फ्लाईओवर, अंडरपास, टनल आदि के आधार पर भी निर्धारित होती है। जिस हाईवे पर अधिक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं, वहां टोल शुल्क भी अधिक लगता है।
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