Chaitra Purnima 2025: चैत्र पूर्णिमा 2025- जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

Chaitra Purnima 2025: चैत्र पूर्णिमा का विशेष महत्व है क्योंकि यह हिंदू नववर्ष की पहली पूर्णिमा होती है। इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और हनुमान जी की पूजा करने से सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। इस वर्ष, चैत्र पूर्णिमा 12 अप्रैल 2025 को मनाई जाएगी।

Bharti Sharma
Written by:
Bharti Sharma - Sub Editor
3 Min Read

Chaitra Purnima 2025: चैत्र पूर्णिमा का विशेष महत्व है क्योंकि यह हिंदू नववर्ष की पहली पूर्णिमा होती है। इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और हनुमान जी की पूजा करने से सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। इस वर्ष, चैत्र पूर्णिमा 12 अप्रैल 2025 को मनाई जाएगी।

- Advertisement -

चैत्र पूर्णिमा न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन विधिपूर्वक पूजा-पाठ करने से व्यक्ति को मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं।

चैत्र पूर्णिमा 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त

  • चैत्र पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 12 अप्रैल 2025, प्रातः 03:46 बजे
  • चैत्र पूर्णिमा तिथि समाप्त: 13 अप्रैल 2025, प्रातः 04:58 बजे
  • पूजा का शुभ मुहूर्त: 12 अप्रैल, प्रातः 06:12 से 09:43 बजे तक
  • हनुमान जयंती विशेष पूजा का समय: प्रातः 07:00 से 08:30 बजे तक

चैत्र पूर्णिमा का महत्व

  1. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा:
    इस दिन विशेष पूजा करने से धन, ऐश्वर्य और समृद्धि प्राप्त होती है।
  2. हनुमान जयंती का संयोग:
    इस दिन बजरंगबली की पूजा करने से बल, बुद्धि और विजय की प्राप्ति होती है।
  3. खरमास का समापन:
    इस दिन के बाद शुभ कार्यों की शुरुआत की जा सकती है।
  4. गंगा स्नान और दान-पुण्य का महत्व:
    इस दिन गंगा स्नान करने से पापों का नाश और पुण्य की प्राप्ति होती है।

चैत्र पूर्णिमा पूजा विधि: क्या करें इस दिन?

  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें।
  • हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें।
  • गंगा स्नान करें और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या दान दें।
  • रामायण या हनुमान कथा का श्रवण करें।
  • रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करें, जिससे मानसिक शांति मिलती है।

धार्मिक मान्यताएं और लाभ

  • जो व्यक्ति चैत्र पूर्णिमा के दिन विधिपूर्वक व्रत और पूजा करता है, उसे जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है।
  • यह दिन इस जन्म के साथ-साथ अगले जन्मों में भी शुभ फल देने वाला माना जाता है।
  • इस दिन की गई पूजा से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मकता बढ़ती है।

विशेष संयोग: हनुमान जयंती का महत्त्व

इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा के दिन ही हनुमान जयंती भी मनाई जाएगी। इस शुभ संयोग पर हनुमान जी की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है।
हनुमान मंदिर में जाकर दर्शन करें और बजरंगबली की पूजा करें। ऐसा करने से जीवन के सभी संकटों से मुक्ति मिलती है।

- Advertisement -

अतः 12 अप्रैल 2025 को इस विशेष दिन को शुभ कार्यों, दान-पुण्य और भक्ति के साथ हर्षोल्लास से मनाएं।

Want a Website like this?

Designed & Optimized by Naveen Parmuwal
Journalist | SEO | WordPress Expert

Contact Me
Share This Article
Avatar photo
Sub Editor
Follow:
भारती शर्मा पिछले कुछ सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। अपने कार्य क्षेत्र रहते हुए उन्होंने धर्म-कर्म, पंचांग, ज्योतिष, राशिफल, वास्तु शास्त्र, हस्तरेखा व समुद्र शास्त्र जैसे विषयों पर लेखन किया हैं। इसके अलावा उनको लोकल और ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी अनुभव हैं। फिलहाल भारती शर्मा 89.6 एफएम सीकर में आरजे की पद संभालते हुए सीकर अपडेट शो का संचालन करती हैं और बतौर ज्योतिष शास्त्र लेखन कर रही हैं।
News in Image Share Link