Rajasthan Political News: राजस्थान की अंता विधानसभा सीट (Anta Assembly Seat News) से भाजपा विधायक रहे कंवरलाल मीणा (BJP MLA Kanwar Lal Meena) को आखिरकार अयोग्य घोषित कर दिया गया है। दो दशक पुराने एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद, हाल ही में आत्मसमर्पण करने के चलते यह कदम उठाया गया। सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद उन्होंने सरेंडर किया था, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी विधायकी खत्म करने का फैसला सुनाया।
कांग्रेस का दबाव और आरोप
इस पूरे मामले में कांग्रेस ने लगातार दबाव बनाए रखा था। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि कंवरलाल मीणा की अयोग्यता में जानबूझकर देरी की जा रही है। कांग्रेस विधायक रफीक खान ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा था कि राहुल गांधी की सदस्यता तो 24 घंटे के भीतर रद्द कर दी गई थी, फिर भाजपा विधायक के मामले में इतनी देर क्यों?
गोविंद सिंह डोटासरा ने जताई प्रतिक्रिया
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी की सख्त कार्रवाई और विपक्ष के नेता टीकाराम जूली द्वारा हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर करने के बाद ही यह फैसला हुआ। उन्होंने लिखा, “सत्यमेव जयते… अंततः न्याय की जीत हुई।”
डोटासरा ने विधानसभा अध्यक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अदालत से तीन साल की सजा मिलने के बावजूद 23 दिन तक विधायक की सदस्यता रद्द नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष ने भाजपा विधायक को बचाने के लिए न सिर्फ पक्षपातपूर्ण रुख अपनाया, बल्कि संवैधानिक दायित्वों की भी अनदेखी की।
सियासी असर और आगे की राह
यह मामला राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा मोड़ बन गया है। कांग्रेस इस घटनाक्रम को लोकतंत्र और संविधान की जीत बता रही है, वहीं भाजपा अब तक इस पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दे पाई है। विधानसभा में सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप की इस लड़ाई ने आगामी सियासी समीकरणों को जरूर प्रभावित किया है।
अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि अंता सीट पर उपचुनाव कब होंगे और भाजपा इस सीट को बचाने में कितनी सफल हो पाती है।
Want a Website like this?
Designed & Optimized by Naveen Parmuwal
Journalist | SEO | WordPress Expert





