Sikar Bomb Blast: सीकर रेलवे स्टेशन पर आज एक धमाका हुआ। इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई और 13 लोग घायल हो गए। हालाँकि, यह कोई वास्तविक हादसा नहीं था, बल्कि सिविल डिफेंस की एक मॉक ड्रिल थी। इस ड्रिल में बम ब्लास्ट का सीन क्रिएट किया गया था और जैसे ही इसकी सूचना मिली, सिविल डिफेंस, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए।
रेलवे स्टेशन पर अफरातफरी, तत्काल पहुंची पुलिस
सीकर कलेक्टर मुकुल शर्मा ने कहा कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमों की त्वरित प्रतिक्रिया का मूल्यांकन करना था। अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की घटना होने पर कैसे तेजी से घायलों को अस्पताल पहुंचाया जाए और भीड़भाड़ वाली जगहों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए, यह देखना महत्वपूर्ण था। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब धमाके की खबर फैली, तो स्टेशन पर अफरातफरी मच गई।
आपातकाल में लापरवाही का खुलासा
हालांकि, मॉक ड्रिल के दौरान एक बड़ी चूक भी सामने आई। पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी मॉक ड्रिल शुरू होने से पहले ही रेलवे स्टेशन पर मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस तरह की लापरवाही आपात स्थितियों में भारी पड़ सकती है। पुलिस सूत्रों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि इस चूक की जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी गलतियाँ न हों।
सुरक्षा प्रबंध पर सवाल, जनता चिंतित
इस ड्रिल ने सुरक्षा प्रबंधों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग चिंतित हैं कि अगर असली घटना होती, तो क्या हमारी तैयारी पर्याप्त होती? फिलहाल अधिकारियों ने ड्रिल से मिली सीख के आधार पर सुरक्षा प्रबंधों को और पुख्ता करने का आश्वासन दिया है। वहीं दूसरी ओर, पुलिस और प्रशासन ने मॉक ड्रिल के दौरान सामने आई कमियों को जल्द सुधारने का वादा किया है।
Want a Website like this?
Designed & Optimized by Naveen Parmuwal
Journalist | SEO | WordPress Expert





