Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर पुण्य काल में स्नान-दान का महत्व, कब करें पूजा और दान?

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति का पवित्र त्योहार 14 जनवरी को मनाया जाएगा, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा। इस दिन स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व है। दोपहर 03:13 बजे से शाम 04:58 बजे तक का समय पुण्य काल रहेगा, जो पूजा और दान के लिए अत्यधिक फलदायी है।

Bharti Sharma
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Bharti Sharma - Sub Editor
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Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति का त्योहार भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। 2026 में यह पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा, जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस अवसर पर लोग विशेष रूप से स्नान, दान और पूजा करते हैं। इस दिन का विशेष पुण्य काल दोपहर 03:13 बजे से शुरू होकर शाम 04:58 बजे तक रहेगा। इस दौरान की गई पूजा और दान को अत्यधिक फलदायी माना जाता है।

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हर्षोल्लास का प्रतीक पर्व

मकर संक्रांति का त्योहार देशभर में विभिन्न नामों और रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। उत्तर में इसे मकर संक्रांति, पश्चिम में उत्तरायण और दक्षिण में पोंगल के नाम से जाना जाता है। असम में इसे माघ बिहू कहा जाता है। हर क्षेत्र में इसका उत्साह देखते ही बनता है। यह पर्व सूर्य देव की आराधना और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर होता है।

धार्मिक रंग में रंगा पर्व

मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व अत्यधिक गहरा है। यह दिन सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है, जो आध्यात्मिक जागरूकता का समय माना जाता है। इस अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन दान करने से भगवान सूर्य की विशेष कृपा मिलती है।

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पौराणिक कथाओं से जुड़ा त्योहार

मकर संक्रांति का उल्लेख कई पौराणिक कथाओं में मिलता है। महाभारत में भीष्म पितामह ने उत्तरायण की प्रतीक्षा में प्राण त्यागे थे, इस समय मृत्यु को मोक्ष प्राप्ति का कारण माना जाता है। कृषि प्रधान देश में यह पर्व नई फसल के स्वागत के रूप में भी मनाया जाता है। यह किसानों के लिए सूर्य देव का आभार प्रकट करने का समय होता है।

दान-पुण्य का महत्व

इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, मकर संक्रांति के अवसर पर किया गया दान अक्षय फलदायी होता है। अन्न, तिल, गुड़ और वस्त्रों का दान अत्यधिक पुण्यकारी माना जाता है। गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता कर लोग भगवान सूर्य की कृपा प्राप्त करते हैं।

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भारती शर्मा पिछले कुछ सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। अपने कार्य क्षेत्र रहते हुए उन्होंने धर्म-कर्म, पंचांग, ज्योतिष, राशिफल, वास्तु शास्त्र, हस्तरेखा व समुद्र शास्त्र जैसे विषयों पर लेखन किया हैं। इसके अलावा उनको लोकल और ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी अनुभव हैं। फिलहाल भारती शर्मा 89.6 एफएम सीकर में आरजे की पद संभालते हुए सीकर अपडेट शो का संचालन करती हैं और बतौर ज्योतिष शास्त्र लेखन कर रही हैं।
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