Jaipur Hospital Crisis: जयपुर के प्रसिद्ध सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में बीती रात हालात गंभीर हो गए जब पॉलीट्रोमा आईसीयू में पानी भर गया। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
हॉस्पिटल में करीब 14 गंभीर मरीज थे, जिनमें से 10 वेंटिलेटर पर थे। एक पाइप से पानी लीक होने के बाद पूरे आईसीयू में पानी भर गया, जिससे मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा। डॉ. बी.एल. यादव और डॉ. संजीव चौपड़ा ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। पानी भरने से करंट का खतरा बढ़ गया था, जो मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता था।
पानी में डूबा आईसीयू, करंट का खतरा
आईसीयू में पानी भरने से हालात बेहद खराब हो गए। स्टाफ ने तुरंत शिकायत की और डॉक्टरों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया। अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि आधा फीट तक पानी भर चुका था, जिससे बिजली का करंट फैलने का बड़ा खतरा पैदा हो गया था।
मरीजों की जान पर संकट, तुरंत किया शिफ्ट
डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन ने सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए मरीजों को समय रहते आईसीयू से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कुछ मरीजों को ऑपरेशन थिएटर के ऑब्जर्वेशन बेड पर रखा गया, जबकि अन्य को इमरजेंसी आईसीयू में शिफ्ट किया गया। इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। लोगों के अनुसार, अचानक बनी इस स्थिति से मरीजों और उनके परिजनों में डर का माहौल बन गया था, लेकिन डॉक्टरों की सूझबूझ से किसी भी तरह की बड़ी अनहोनी टल गई।
पीडब्ल्यूडी की लापरवाही पर सवाल
इस घटना ने फिर से पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि पाइप लीक की समस्या पहले से थी, लेकिन समय पर इसे ठीक नहीं किया गया। पीडब्ल्यूडी के मेडिकल ऑफिसर को इस बारे में पहले ही सूचित किया गया था, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। डॉ. यादव ने बताया कि आईसीयू को खाली करवाकर पानी निकालने और साफ-सफाई शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि मकर संक्रांति तक आईसीयू फिर से शुरू हो जाएगा।
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