सीकर सड़क विवाद: सीकर शहर में सड़क चौड़ीकरण की योजना ने स्थानीय निवासियों को चिंता में डाल दिया है। नगर परिषद द्वारा बसंत विहार, पुरोहितजी की ढाणी और रामपुरा रोड की सड़कों को 40 से 60 फीट तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा है। महिलाएं कह रही हैं कि अगर उनके मकान टूटे, तो वे बच्चों के साथ आत्महत्या करने को मजबूर होंगी। प्रशासन के इस निर्णय के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज करते हुए लोगों ने अधिकारियों से सड़क की चौड़ाई 30 फीट तक सीमित रखने की मांग की है।
मकान टूटने की आशंका से लोग परेशान
प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण से कई मकान ध्वस्त होने के कगार पर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इससे कई परिवार बेघर हो जाएंगे। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। विरोध के साथ ही लोगों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सड़क की चौड़ाई कम करने की अपील की है।
प्रशासन के फैसले से फूटा आक्रोश
नगर परिषद द्वारा पुलिस लाइन से जयपुर-झुंझुनूं बाइपास तक सड़क को 40 फीट चौड़ा करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। लोगों का कहना है कि यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग नहीं है और इसे 30 फीट की ही रहनी चाहिए। लोगों ने कहा कि इससे उनके मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएंगे और वे बेघर हो जाएंगे।
महिलाओं ने दी आंदोलन की धमकी
स्थानीय महिलाओं ने कहा कि अगर उनके घरों और दुकानों को बचाने के लिए प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया, तो वे अपनी जान देने पर मजबूर हो जाएंगी। महिलाओं के इस बयान ने प्रशासन को भी चिंता में डाल दिया है। बड़ी संख्या में लोग अपने हक के लिए खड़े हो गए हैं।
लोगों का कहना है कि 40 फीट सड़क चौड़ी करने से उनके जीवन पर सीधा असर पड़ेगा और इसे 30 फीट तक सीमित रखना ही उचित होगा। ज्ञापन देने वालों में सुरेंद्र शर्मा, चंचल सैनी, और अन्य प्रमुख लोग शामिल थे, जिन्होंने प्रशासन से दुबारा विचार करने की अपील की है।
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