RBSE 12th Result Sriganganagar Nikita emotional story: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित 12वीं की परीक्षा के परिणाम अब सबके सामने हैं। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मंगलवार सवेरे 10 बजे इन नतीजों को सार्वजनिक किया। इस बार बोर्ड परीक्षाओं में छात्राओं का दबदबा साफ नजर आया है और उन्होंने लड़कों के मुकाबले बेहतर अंक प्राप्त किए हैं। खुशियों के इन पलों के बीच श्रीगंगानगर जिले से एक ऐसी खबर आई जिसने हर किसी का दिल दहला दिया।
निकिता की सफलता के पीछे की दर्दभरी दास्तान
श्रीगंगानगर के सरकारी स्कूल 7 केएन में पढ़ने वाली निकिता ने कला वर्ग में 93.80 प्रतिशत अंक लाकर अपनी प्रतिभा साबित की है। मगर अफसोस कि अपनी इस बड़ी कामयाबी को देखने के लिए निकिता अब इस दुनिया में मौजूद नहीं है। पीलिया की गंभीर बीमारी के कारण उसे बीकानेर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 20 मार्च को उसने आखिरी सांस ली। निकिता के पिता मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। अपनी मौत से महज 11 दिन पहले तक वह पूरी लगन के साथ पढ़ाई में जुटी हुई थी। आज जब निकिता का शानदार परिणाम आया तो उसके माता-पिता की आंखें छलक पड़ीं।
इस साल बोर्ड परीक्षा के आंकड़े क्या कहते हैं?
राजस्थान बोर्ड के कला वर्ग में इस वर्ष परीक्षार्थियों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई थी। बोर्ड द्वारा जारी किए गए डेटा के अनुसार नतीजे इस प्रकार रहे:
- कला वर्ग में कुल 5,91,023 विद्यार्थियों ने अपना पंजीकरण कराया था।
- परीक्षा में बैठने वाले कुल छात्रों की संख्या 5,83,201 रही।
- इस साल कला वर्ग का कुल पास प्रतिशत 97.54 फीसदी दर्ज किया गया है।
- लड़कों का सफलता प्रतिशत 96.68 रहा, जबकि लड़कियों ने 98.29 प्रतिशत के साथ बाजी मारी।
- प्रदेश में तीन छात्र 99.60 प्रतिशत अंक पाकर संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रहे।
श्रीगंगानगर के प्रदर्शन में क्यों आई गिरावट?
जहां पूरे राज्य में परीक्षा परिणाम काफी उत्साहजनक रहे हैं, वहीं श्रीगंगानगर जिले के आंकड़ों ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पिछले साल की तुलना में इस बार जिले के प्रदर्शन में कमी देखी गई है। राज्य स्तर पर संतुलित नतीजे आने के बावजूद स्थानीय स्तर पर आई इस गिरावट की अब शिक्षा विभाग समीक्षा करेगा। अधिकारी अब उन कारणों का पता लगाने में जुटे हैं जिनकी वजह से जिले का ग्राफ नीचे गिरा है।




