Kota Murder Case: राजस्थान के कोटा शहर में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां महज 10 साल के बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई. रेलवे कॉलोनी थाना इलाके में हुई इस घटना ने पूरे शहर को सन्न कर दिया है. मृतक की पहचान मयंक मीणा के रूप में हुई है, जो एक रेलकर्मी का बेटा था. पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मयंक के ही एक नाबालिग दोस्त ने उसकी जान ले ली. आरोपी ने हत्या के बाद शव को रेलवे वर्कशॉप के पास मौजूद झाड़ियों में छिपा दिया था. पुलिस को एक सीसीटीवी वीडियो भी मिला है जिसमें मयंक आखिरी बार अपने दोस्त के साथ जाता हुआ दिखाई दे रहा है.
कत्ल की पीछे की असली वजह क्या है?
पुलिस की जांच में हत्या की जो वजह सामने आई है, उसने सबको हैरान कर दिया है. बताया जा रहा है कि पैसों के मामूली लेनदेन को लेकर दोनों बच्चों के बीच विवाद हुआ था. इसी बहस के दौरान आरोपी ने मयंक पर हमला कर दिया और उसकी जान ले ली. मयंक के पिता अमर सिंह अपने बेटे की मौत से पूरी तरह टूट चुके हैं. उनका कहना है कि उनके बेटे की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. इस घटना के बाद से रेलवे कर्मचारियों में भी भारी गुस्सा है और उन्होंने मोर्चरी के बाहर जमा होकर अपना विरोध दर्ज कराया है.
वारदात से जुड़े अहम तथ्य
- मृतक मयंक की उम्र केवल 10 साल थी और वह एक रेलवे कर्मचारी का बेटा था.
- हत्या का आरोप मयंक के ही एक नाबालिग दोस्त पर लगा है.
- घटनास्थल से 100 मीटर दूर लगे कैमरे में मासूम को आखिरी बार देखा गया था.
- शव को रेलवे वर्कशॉप के सामने झाड़ियों में फेंक दिया गया था.
- स्थानीय लोगों ने रेलवे परिसर में फैली झाड़ियों और झाड़-झंखाड़ को लेकर प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है.
प्रशासन और पुलिस ने क्या कदम उठाए?
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मोर्चरी के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है. मेडिकल बोर्ड के जरिए बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है ताकि मौत की असल वजह और क्रूरता का पता चल सके. परिजनों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी को सख्त से सख्त सजा मिले. इस घटना ने कोटा में रहने वाले अभिभावकों को डरा दिया है और बच्चों में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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