Ayush Department Rajasthan: राजस्थान के आयुष विभाग में एक बेहद हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है। विभाग ने एक ऐसे डॉक्टर का तबादला आदेश जारी कर दिया है, जो पहले ही अपनी नौकरी से रिटायर हो चुके हैं। इस घटना ने सरकारी महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 10 जुलाई को विभाग ने जो सूची जारी की, उसमें 30 जून को सेवानिवृत्त हो चुके चिकित्सा अधिकारी का नाम भी शामिल था।
रिटायरमेंट के बाद कैसे मिल गई नई पोस्टिंग?
पूरा मामला सीकर जिले से जुड़ा है, जहां हरदासकाबस के राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय में तैनात डॉक्टर कैलाश चंद्र शर्मा 30 जून को अपनी सेवा पूरी कर चुके थे। नियमानुसार रिटायर होने के बाद उनका विभाग से नाता खत्म हो जाना चाहिए था, लेकिन विभाग ने उन्हें सहायक निदेशक के पद पर पदोन्नत करते हुए नई जिम्मेदारी सौंप दी।
- डॉक्टर कैलाश चंद्र शर्मा 30 जून को विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे।
- विभाग ने 10 जुलाई को स्थानांतरण और पदस्थापन की नई सूची निकाली।
- रिटायर्ड डॉक्टर को सीकर में सहायक निदेशक के पद पर नई तैनाती दी गई।
- डॉक्टर ने सरकार के आदेश का मान रखते हुए सोमवार को कार्यभार संभालने की बात कही है।
क्या डॉक्टर अब दोबारा ज्वाइन करेंगे ड्यूटी?
इस अजीबोगरीब स्थिति पर डॉक्टर कैलाश चंद्र शर्मा का तर्क है कि सरकार और विभाग की ओर से यह आदेश पूरी तरह आधिकारिक है। उनका मानना है कि शायद विभाग के रिकॉर्ड में अभी उन्हें सेवानिवृत्त नहीं दिखाया गया है, इसी वजह से यह लिस्ट जारी हुई। उन्होंने फैसला किया है कि वह सीकर जाकर सहायक निदेशक का पद संभालेंगे और इसके बाद विभाग जो भी तय करेगा, वह उसे स्वीकार करेंगे।
विवादों से पुराना है डॉक्टर का नाता?
यह पहली बार नहीं है जब डॉक्टर कैलाश चंद्र शर्मा चर्चा में आए हैं। इससे पहले भी विभाग के साथ उनकी अनबन की खबरें सामने आती रही हैं।
- जून 2026 में डॉक्टर ने विभाग पर गलत तरीके से अनुपस्थित दिखाने का आरोप लगाया था।
- मौजूदगी के बावजूद गैरहाजिर दिखाए जाने पर उन्होंने दो दिन तक उपवास भी रखा था।
- ग्रामीणों के दखल और उच्च अधिकारियों के भरोसे के बाद ही उन्होंने अपना विरोध वापस लिया था।
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