Rajasthan Local Body Elections 2026: राजस्थान में होने वाले आगामी शहरी निकाय चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। स्वायत्त शासन विभाग ने राज्य के सभी 309 निकायों में अध्यक्ष और महापौर पद के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाल दी है। इस प्रक्रिया के तहत 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगर पालिकाओं में सीटों का वर्गीकरण पूरा हो गया है। जयपुर मुख्यालय में प्रमुख शासन सचिव रवि जैन की देखरेख में अधिकारियों की मौजूदगी में इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा किया गया।
आरक्षण तय करने के लिए किस फॉर्मूले का इस्तेमाल किया गया?
इस बार सीटों के आरक्षण को तय करने में रोटेशन प्रणाली और जनसंख्या के आंकड़ों को आधार बनाया गया है। प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता का ध्यान रखा है।
- साल 2014 और 2019 के चुनावों में जो सीटें अनुसूचित जाति (एससी) या अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित थीं, उन्हें इस बार इस श्रेणी से बाहर रखा गया है।
- बचे हुए निकायों में संबंधित वर्ग की आबादी के घटते क्रम के अनुसार सूची तैयार की गई और फिर पारदर्शी तरीके से ड्रा निकाला गया।
विभिन्न संभागों में सीटों का गणित क्या कहता है?
सभी संभागों के अनुसार सीटों के आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। अलग-अलग संभागों में विभिन्न श्रेणियों के लिए आरक्षित की गई सीटों का विवरण इस प्रकार है:
जयपुर संभाग (जयपुर, अलवर, दौसा, सीकर, झुंझुनूं)
- अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित 13 सीटें: कठूम्बर, बडौदामेव, जमवारामगढ़, सिकराय, कानोता, भांडारेज, मनोहरपुर, टपूकड़ा, माढण, बस्सी, धोद, बुहाना और रामगढ़। इनमें से बस्सी, बडौदामेव, कठूम्बर और भांडारेज की सीटें अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
- अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित 6 सीटें: मंडावरी, मालाखेड़ा, लवाण, वाटिका, रामगढ़ पचवारा। इनमें से लवाण और वाटिका अनुसूचित जनजाति महिला के लिए हैं।
- अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित 19 सीटें: अजीतगढ़, विराटनगर, विद्या विहार, मलसीसर, नीमराना, बहादुरपुर, बांदीकुई, नौगांव, श्रीमाधोपुर, खेतड़ी, राजगढ़ (अलवर), चिड़ावा, दौसा, खाटूश्यामजी, पलसाना, दातारामगढ़, मुंडावर और डूंडलोद। इनमें से बांदीकुई, नीमराना, नौगांव, दौसा, खेतड़ी और खाटूश्यामजी ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
अजमेर संभाग (अजमेर, नागौर, भीलवाड़ा, टोंक)
- अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित 8 सीटें: बोरावड़, पुष्कर, टांटोटी, दूनी, मेड़ता रोड, देवली, पीपलू और खाटू खुर्द। इनमें से मेड़ता रोड, दूनी और बोरावड़ की सीटें महिलाओं के लिए हैं।
- अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित 10 सीटें: नावां, नागौर, हमीरगढ़, रियाबाड़ी, सरवाड़, लाडनूं, जायल, डीडवाना, बासनी और जैतारण। इनमें से जायल, लाडनूं और नावां की सीटें ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं।
जोधपुर संभाग (जोधपुर, बाड़मेर, जालौर, पाली, सिरोही, जैसलमेर)
- अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित 10 सीटें: सायला, मारवाड़ जंक्शन, धोरीमन्ना, मथानिया, तिवरी, सिणधरी, समदड़ी, सोजत रोड, मंडार और बाप। इनमें मथानिया, बाप और धोरीमन्ना की सीटें एससी महिला श्रेणी के लिए हैं।
- अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित 8 सीटें: बालेसर सत्ता, जसोल, बालोतरा, रानीखुर्द, भोपालगढ़, आहोर, खुडाला फालना और बिलाड़ा। इनमें जसोल, खुडाला फालना और बालेसर सत्ता की सीटें ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
भरतपुर संभाग (भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर)
- अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित 9 सीटें: सपोटरा, बसेड़ी, मनिया, सुरोठ, खंडार, वजीरपुर, [टोडाभीम], मंडरायल और उच्चेन। इसमें टोडाभीम, सपोटरा और सुरोठ की सीटें अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए हैं।
- अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित: बामनवास (ओपन) सीट।
- अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित 6 सीटें: रूपवास, बौली, सरमथुरा, राजाखेड़ा, बृजनगर और सवाई माधोपुर। इनमें राजाखेड़ा और सरमथुरा की सीटें ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
कोटा संभाग (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़)
- अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित 4 सीटें: सुल्तानपुर, डग, दही और अटरू। इनमें डग की सीट एससी महिला के लिए आरक्षित है।
- अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित 5 सीटें: अकलेरा, अंता, झालावाड़, सुकेत और कोटा। इनमें कोटा और अकलेरा की सीटें ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं।
बीकानेर संभाग (बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू)
- अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित 5 सीटें: साहवा, नापासर, गोलूवाला, टिब्बी और घड़साना। इनमें नापासर और घड़साना की सीटें एससी महिला के लिए हैं।
- अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित 7 सीटें: लूणकरणसर, सुजानगढ़, खाजूवाला, केसरीसिंहपुर, सरदारशहर, राजगढ़ (चूरू) और नोखा। इनमें सरदारशहर और केसरीसिंहपुर की सीटें ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं।
उदयपुर संभाग (उदयपुर, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़)
- अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित: आकोला सीट।
- अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित 4 सीटें: वल्लभनगर, मावली, बांसवाड़ा और अरनोद। इनमें वल्लभनगर की सीट एसटी महिला के लिए आरक्षित है।
- अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित 5 सीटें: देवगढ़, सागवाड़ा, धरियावद, कानौड़ और कुशलगढ़। इनमें सागवाड़ा, देवगढ़ और कानौड़ की सीटें ओबीसी महिलाओं के लिए सुरक्षित रखी गई हैं।
आरक्षण सूची के बाद जमीनी राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
निकायों में सीटों के नए समीकरण सामने आते ही राज्य में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। कई क्षेत्रों में वर्ग बदलने के कारण पुराने और स्थापित नेताओं के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। इसके चलते अब नए चेहरों को आगे आने का मौका मिलेगा। टिकट की चाह रखने वाले नए दावेदारों ने पार्टी आलाकमान से संपर्क साधना शुरू कर दिया है, जिससे चुनावी मुकाबला बेहद रोचक होने की उम्मीद है।
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