Rajasthan Panchayati Raj Election: राजस्थान में पंचायती राज चुनावों का बिगुल बज चुका है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में चार चरणों में चुनाव कराने की घोषणा की है। जयपुर में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने चुनाव कार्यक्रम की पूरी जानकारी साझा की। इस घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। अब राज्य में किसी भी नए काम की घोषणा या विकास कार्यों के नए वर्क आर्डर जारी नहीं किए जा सकेंगे। आयोग वन स्टेट वन इलेक्शन की अवधारणा को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आ रहा है।
मतदाताओं और सुरक्षा को लेकर क्या हैं आयोग की तैयारियां?
इस बार के चुनावों में सुरक्षा और निष्पक्षता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए पुलिस बल की भारी तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है जो चौबीस घंटे काम करेगा।
- प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए 2,72,304 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा।
- पर्यवेक्षक के रूप में राजस्थान प्रशासनिक सेवा के सुपर टाइम स्केल के अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
- आयोग में स्थापित कंट्रोल रूम का फोन नंबर 2227407 रहेगा।
- इस चुनाव में कुल 45,384 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
- चुनाव में पुरुष मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 8 लाख 87 हजार 351 और महिला मतदाताओं की संख्या 1 करोड़ 94 लाख 19 हजार 789 है, जबकि थर्ड जेंडर के 168 मतदाता पंजीकृत हैं।
- सबसे ज्यादा 18,99,920 मतदाता जयपुर जिला परिषद में हैं, जबकि सबसे कम 43,70,288 मतदाता जैसलमेर जिला परिषद में दर्ज हैं।
- क्षेत्रफल के लिहाज से खंडेला पंचायत समिति सबसे बड़ी और जैसलमेर की सामराऊ पंचायत समिति सबसे छोटी है।
- वोटरों की उम्र के लिहाज से 25 वर्ष तक के मतदाता 18.92 फीसदी और 36 से 50 वर्ष की आयु के मतदाता 24.10 फीसदी हैं।
- सभी केंद्रों पर मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है।
उम्मीदवारों के लिए क्या नियम और खर्च की सीमा तय की गई है?
चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के लिए सख्त आचरण नियम और चुनावी खर्च की सीमाएं निर्धारित की हैं। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। कोटा, बारां, करौली और श्रीगंगानगर में कुछ चुनाव 22 दिसंबर के बाद कराए जाएंगे, क्योंकि वहां तब तक वर्तमान बोर्ड का कार्यकाल बचा हुआ है।
- नामांकन पत्र दाखिल करते समय उम्मीदवार के साथ केवल पांच लोगों को ही भीतर जाने की अनुमति मिलेगी और इस दौरान किसी भी प्रकार की रैली पर रोक रहेगी।
- चुनाव जीतने के बाद किसी भी तरह के विजय जुलूस पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।
- गाड़ियों के इस्तेमाल को लेकर भी नियम तय हैं, जिसके तहत जिला परिषद सदस्य के लिए अधिकतम तीन, पंचायत समिति सदस्य के लिए दो और सरपंच पद के लिए केवल एक गाड़ी की अनुमति होगी।
- जिला परिषद सदस्य पद के प्रत्याशी के लिए चुनाव खर्च की सीमा 3 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
- पंचायत समिति सदस्य के लिए खर्च की सीमा 1.5 लाख रुपये और सरपंच उम्मीदवार के लिए यह सीमा 1 लाख रुपये होगी।
- इस बार प्रत्याशियों के लिए संतान की संख्या और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित कोई भी बाध्यता लागू नहीं होगी।
- बुजुर्ग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए मतदान केंद्रों पर अलग से कतार और बैठने के लिए कुर्सी की व्यवस्था की जाएगी।
जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव का पूरा शेड्यूल क्या है?
आयोग की घोषणा के अनुसार, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए चार चरणों का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:
- प्रथम चरण: निर्वाचन की सूचना 8 अक्टूबर को जारी होगी। नामांकन पत्र 11 अक्टूबर तक जमा किए जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 14 अक्टूबर को होगी। नाम वापस लेने और चुनाव चिन्ह का आवंटन 15 अक्टूबर को किया जाएगा। इस चरण के लिए मतदान 22 अक्टूबर को होगा।
- द्वितीय चरण: इस चरण की सूचना 13 अक्टूबर को जारी होगी। नामांकन की आखिरी तारीख 16 अक्टूबर होगी। पत्रों की जांच 17 अक्टूबर को की जाएगी। नाम वापसी और सिंबल आवंटन 19 अक्टूबर को होगा। वोटिंग 28 अक्टूबर को कराई जाएगी।
- तृतीय चरण: चुनाव अधिसूचना 19 अक्टूबर को आएगी। उम्मीदवार 23 अक्टूबर तक पर्चा भर सकेंगे। नामांकन की जांच 24 अक्टूबर को होगी। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 26 अक्टूबर तय की गई है, इसी दिन चुनाव चिन्ह भी दिए जाएंगे। मतदान 3 नवंबर को होगा।
- चतुर्थ चरण: अंतिम चरण की सूचना 21 अक्टूबर को जारी होगी। पर्चा भरने की अंतिम तारीख 4 नवंबर रहेगी। नामांकन की जांच 5 नवंबर को होगी और नाम वापसी 6 नवंबर को की जा सकेगी। इस चरण का मतदान 13 नवंबर को होगा।
पंच और सरपंच पद के लिए कब डाले जाएंगे वोट?
ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच के चुनाव का कार्यक्रम भी चार चरणों में तय किया गया है, जो इस प्रकार है:
- प्रथम चरण: इस चरण के लिए नामांकन 24 अक्टूबर को होगा। मतदान और मतगणना की प्रक्रिया 25 अक्टूबर को पूरी की जाएगी। इसके बाद उपसरपंच का चुनाव 26 अक्टूबर को कराया जाएगा।
- द्वितीय चरण: नामांकन पत्र 20 अक्टूबर को भरे जाएंगे। वोटिंग की तारीख 21 अक्टूबर तय की गई है। मतों की गिनती 26 अक्टूबर को होगी और उपसरपंच का चुनाव 1 नवंबर को होगा।
- तृतीय चरण: नामांकन की तारीख 5 नवंबर तय की गई है। वोट डालने और मतगणना का कार्य 9 नवंबर को होगा। उपसरपंच का चुनाव 7 नवंबर को कराया जाएगा।
- चतुर्थ चरण: अंतिम चरण के तहत नामांकन 15 नवंबर को होगा। मतदान और मतों की गिनती 16 नवंबर को होगी, जबकि उपसरपंच का चुनाव 17 नवंबर को संपन्न होगा।
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