Meerut Snake Bite Murder Case: मेरठ के चर्चित सर्पदंश हत्याकांड में पत्नी और प्रेमी को मिली मौत की सजा

Meerut Snake Bite Murder Case: मेरठ की एक अदालत ने अमित कश्यप हत्याकांड में उसकी पत्नी और प्रेमी को मृत्युदंड सुनाया है, जिन्होंने हत्या को सांप के काटने का रूप दिया था।

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Meerut Snake Bite Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में रहने वाले अमित कश्यप की हत्या के मामले में उसकी पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को कोर्ट ने फांसी की सजा दी है। इस मामले में आरोपियों ने हत्या को सांप के काटने से हुई मौत का रूप देने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उनकी साजिश की परतें खोल दीं। न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने दोनों को हत्या और सबूत मिटाने का दोषी पाया।

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अमित की मौत का रहस्य कैसे खुला?

घटना की सुबह जब अमित का शव उसके कमरे में मिला, तो उसके बिस्तर के नीचे एक जिंदा घोड़ा पछाड़ सांप दबा हुआ था। अमित के शरीर पर सांप के काटने के 10 अलग-अलग निशान थे, जिससे पहली नजर में यह हादसा लगा। हालांकि, जब जांच आगे बढ़ी तो हकीकत कुछ और ही निकली।

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि अमित की मौत सांप के जहर से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी।
  • रिपोर्ट के मुताबिक अमित का गला और मुंह दबाया गया था, जिससे उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई थी।
  • वारदात से महज 24 घंटे पहले पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप के बीच 51 बार फोन पर बातचीत हुई थी।
  • पुलिस ने पाया कि अमरदीप ने सपेरे से एक हजार रुपये में सांप खरीदा था ताकि हत्या को हादसा दिखाया जा सके।

क्या थी इस खौफनाक साजिश की असली वजह?

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अमित की पत्नी रविता और उसके दोस्त अमरदीप के बीच अवैध संबंध थे। कुछ समय पहले परिजनों ने दोनों को संदिग्ध हालत में देख लिया था, जिसके बाद अमित ने इसका कड़ा विरोध किया। अपने रास्ते का कांटा हटाने के लिए दोनों ने मिलकर अमित को खत्म करने की योजना बनाई। 12 अप्रैल 2025 की रात को जब अमित सो रहा था, तब उसका गला घोंटकर उसे मार दिया गया और बाद में बिस्तर पर सांप छोड़ दिया गया।

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अदालत ने फैसले के दौरान क्या टिप्पणी की?

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 गवाह पेश किए। सजा सुनाते समय जज ने मनुस्मृति का हवाला देते हुए कहा कि अधर्म की कभी जीत नहीं होती। उन्होंने सावित्री का उदाहरण भी दिया जो पति के लिए यमराज से लड़ गई थीं, जबकि यहां पत्नी ही पति की कातिल निकली। फैसला आने के बाद मृतक की मां मुनेश देवी ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बेटे के हत्यारों को सही अंजाम मिला है।

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