India’s Top 1% The Anil Kapoor Show: स्टार प्लस के मंच पर एक ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने बॉलीवुड के झक्कास एक्टर अनिल कपूर को भीतर तक झकझोर दिया। आमतौर पर अपनी एनर्जी के लिए मशहूर अनिल कपूर उस वक्त पूरी तरह भावुक हो गए जब उन्होंने उम्र की ढलान पर खड़ी महिलाओं को स्लेट और पेंसिल थामे देखा। खांगणे गांव की इन बुजुर्ग महिलाओं की हिम्मत को सम्मान देते हुए अनिल कपूर ने न सिर्फ उनकी तस्वीर के सामने सिर झुकाया, बल्कि मराठी में ‘आजी शिकली, प्रगती झाली’ (दादी पढ़ी, तो तरक्की हुई) कहकर उनके संघर्ष को सलाम किया। यह पल इतना प्रभावशाली था कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
क्या है इन बुजुर्ग दादी मांओं के स्कूल की कहानी?
इस शो में खांगणे गांव से प्रतियोगी के रूप में पहुंची शीतल ने दुनिया को अपनी उन छात्राओं से मिलवाया, जिनकी उम्र भले ही ज्यादा हो, लेकिन सीखने की ललक किसी बच्चे से कम नहीं है। शीतल एक ऐसा स्कूल चलाती हैं जहां उन बुजुर्ग महिलाओं को पढ़ाया जाता है जिनका बचपन में पढ़ने का सपना किन्हीं कारणों से अधूरा रह गया था। इन महिलाओं को बढ़ती उम्र की वजह से कई शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, किसी को कम सुनाई देता है तो किसी को चीजें याद रखने में परेशानी होती है, लेकिन शीतल की पाठशाला में वे हर दिन कुछ नया सीखने के लिए पूरे उत्साह के साथ आती हैं।
अनिल कपूर ने शीतल को क्यों कहा जादूगरनी?
शीतल के इस नेक काम और बुजुर्गों के प्रति उनके धैर्य को देखकर अनिल कपूर ने उनकी जमकर तारीफ की। अनिल कपूर ने स्वीकार किया कि बच्चों को पढ़ाना तो आसान है, लेकिन बुजुर्गों को फिर से साक्षर बनाना एक बहुत बड़ी चुनौती है। शीतल की इस कोशिश से प्रभावित होकर उन्होंने शीतल को ‘जादूगरनी’ का खिताब दिया, क्योंकि वह अपनी कोशिशों से इन महिलाओं की जिंदगी में शिक्षा का उजाला भर रही हैं। जब इन बुजुर्ग छात्राओं ने वीडियो संदेश के जरिए अनिल कपूर को अपने गांव आने का न्योता दिया, तो एक्टर ने बड़े ही आदर के साथ तस्वीर में उनके पैर छूकर अपना सम्मान प्रकट किया।
कहां देख सकते हैं आप यह खास शो?
मनोरंजन और ज्ञान के इस अनोखे संगम ‘इंडिया के टॉप 1% – द अनिल कपूर शो’ को दर्शक हर शनिवार और रविवार रात 8 बजे स्टार प्लस पर देख सकते हैं। इसके साथ ही यह शो ओटीटी प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार पर भी उपलब्ध है। शो में न सिर्फ दिमाग की कसरत होती है, बल्कि समाज के ऐसे अनकहे नायकों की कहानियां भी सामने आती हैं जो अनिल कपूर जैसे बड़े सितारों को भी झुकने पर मजबूर कर देती हैं। यह शो इस बात का सबूत है कि अगर इंसान के अंदर कुछ नया सीखने की इच्छा हो, तो उम्र का कोई भी पड़ाव उसे रोक नहीं सकता।
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